होर्मुज नहीं चीन की नजर आर्कटिक पर, क्या ‘आइस सिल्क रोड’ भारत के लिए भी जरूरी?
नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में होर्मुज स्ट्रेट का संकट वैश्विक व्यापार के लिए जिस खतरे को सामने लाया है, चीन ने जवाब में एक नए समुद्री रास्ते की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। बीजिंग ने रूस के उत्तरी तट से गुजरने वाले नॉर्दर्न सी रूट (एनएसआर) पर नियमित कंटेनर सेवा शुरू कर दी है। आर्कटिक की बर्फ के बीच खुल रहा यह रास्ता चीन-यूरोप व्यापार के लिए नया विकल्प बन सकता है। लेकिन भारत के लिए इसकी कहानी सिर्फ व्यापार की नहीं, बल्कि बदलते समुद्री शक्ति संतुलन की भी है।