धर्मेंद्र और सतीश शाह को पद्म सम्मान मिलना गर्व की बात, शेखर सुमन और मीनाक्षी शेषाद्रि ने साझा की खास यादें

'धर्मेंद्र और सतीश शाह को पद्म सम्मान मिलना गर्व की बात', शेखर सुमन और मीनाक्षी शेषाद्रि ने साझा की खास यादें

मुंबई, 18 मई (आईएएनएस)। भारत सरकार द्वारा साल 2026 के पद्म पुरस्कारों का ऐलान किए जाने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में खुशी का माहौल है। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, दिवंगत अभिनेता सतीश शाह को पद्म श्री और मशहूर गायिका अलका याग्निक को पद्म भूषण पुरस्कार दिया जाएगा। इन नामों के सामने आने के बाद फिल्म जगत के कई कलाकारों ने खुशी जाहिर की। इसी बीच अभिनेता शेखर सुमन और अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि ने आईएएनएस से बातचीत में अपनी भावनाएं साझा कीं और इन कलाकारों से जुड़ी कई यादों को ताजा किया।

शेखर सुमन ने धर्मेंद्र और सतीश शाह को मिले सम्मान पर खुशी जताते हुए कहा, ''यह सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का पल है। सतीश शाह कॉमेडी के बेताज बादशाह थे और उनकी कॉमिक टाइमिंग का कोई मुकाबला नहीं था। मैंने सतीश शाह के साथ कई फिल्मों और शोज में काम किया था, जिसमें 'देख भाई देख', 'जान पहचान' और 'तेरे बिना क्या जीना' समेत कई प्रोजेक्ट्स शामिल है। वह सिर्फ अच्छे कलाकार ही नहीं, बल्कि बेहद जिंदादिल इंसान भी थे। वह खुद भी हमेशा खुश रहते थे और अपने आसपास के लोगों को भी खुश रखते थे। आज भी लोग उनके काम और अभिनय को याद करते हैं।''

शेखर सुमन ने कहा, ''धर्मेंद्र ऐसे इंसान थे जो हर किसी को बहुत प्यार और अपनापन देते थे। जब भी मेरी उनसे मुलाकात होती थी, तो वह हमेशा मुझे गले लगाकर प्यार देते थे। वह बेहद खूबसूरत दिल वाले इंसान थे। उनके जैसा व्यक्ति मिलना बहुत मुश्किल है।''

वहीं दिग्गज अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि ने भी आईएएनएस से बात करते हुए धर्मेंद्र और सतीश शाह को लेकर कई खास बातें साझा कीं। उन्होंने कहा, ''बहुत कम लोग जानते हैं कि जब सनी देओल की फिल्म 'बेताब' बनाई जा रही थी, तब अमृता सिंह से पहले मेरा स्क्रीन टेस्ट लिया गया था। हालांकि मैं तब फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाईं, लेकिन बाद में मुझे धर्मेंद्र के प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करने का मौका मिला।''

मीनाक्षी ने कहा, ''फिल्म 'घायल' मेरे करियर की खास फिल्मों में से एक रही और इस फिल्म के जरिए मुझे धर्मेंद्र और पूरी टीम का बहुत प्यार मिला। मैं हमेशा इसके लिए शुक्रगुजार रहूंगी। मेरे लिए सबसे यादगार पल वह है, जब धर्मेंद्र जी ने मुझसे कहा था- 'मैंने 'बेताब' में तुम्हें न लेकर गलती की थी, लेकिन मैं तुम्हें 'घायल' में जरूर लेना चाहता हूं।'

अल्का याग्निक को पद्म भूषण मिलने पर भी मीनाक्षी शेषाद्रि ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, ''अल्का बेहद प्रतिभाशाली गायिका हैं और वह इस सम्मान की पूरी हकदार हैं। उनकी आवाज ने कई फिल्मों और गानों को खास बनाया है और उन्हें यह सम्मान मिलना पूरे संगीत जगत के लिए खुशी की बात है।''

सतीश शाह को याद करते हुए मीनाक्षी ने फिल्म 'आज का गुंडाराज' का जिक्र किया। उन्होंने कहा- ''इस फिल्म में मेरे और सतीश शाह के बीच कई मजेदार कॉमेडी सीन थे। सतीश शाह की कॉमिक टाइमिंग और अभिनय कमाल का था। उनके जैसा कलाकार मिलना बहुत मुश्किल है और आज भी मुझे उनकी याद आती है।''

भारत सरकार ने साल 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया है। इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं।

--आईएएनएस

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