40 साल पहले रिलीज हुई फिल्म 'आखिर क्यों' ने कैसे फेमिनिज्म को नए कलेवर में किया पेश?

IANS | October 6, 2025 8:09 PM

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। जबरदस्त अभिनेत्री, दमदार संवाद और सशक्त किरदार जो स्मृति में छप जाएं तो फिल्म बिसराई नहीं जाती। और ऐसी ही एक ठीक चालीस साल पहले, 7 अक्टूबर 1985 को रिलीज हुई और छा गई, नाम था 'आखिर क्यों?' ये एक ड्रामा फिल्म नहीं थी बल्कि उस समय की बॉलीवुड फिल्मों में महिला सशक्तिकरण और भावनाओं की नई भाषा पेश करने वाली फिल्म थी। स्मिता पाटिल ने इस फिल्म में जो भूमिका निभाई, वह आर्ट और मुख्यधारा के बीच की लकीर को मिटाती ही नहीं बल्कि एक-दूसरे को समृद्ध भी कर सकती हैं।

7 अक्टूबर: खून और संघर्ष की कहानी, इतिहास के पन्नों पर छपी वो तारीख जिसे दुनिया भूलना चाहती है

IANS | October 6, 2025 7:57 PM

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। 7 अक्टूबर का दिन इतिहास में खूनी संघर्ष और युद्ध के लिए याद रखा गया है। इस दिन कई युगों में ऐसे घटनाक्रम हुए, जिसने न केवल स्थानीय जनता पर असर डाला बल्कि पूरे भूगोल और राजनीति को नया आकार दे दिया।

अल्फ्रेड नोबेल की 'मौत' से जुड़ी है कहानी, कई मानते हैं सच तो कइयो के लिए ये 'अनसुलझी गुत्थी'

IANS | October 6, 2025 3:33 PM

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। 6 से 13 अक्टूबर के बीच हर साल नोबेल पुरस्कार की घोषणा होती है। जो मेडिसिन, लिटरेचर, शांति, फिजिक्स, केमिस्ट्री और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अद्भुत और मानव समाज के लिए अभूतपूर्व कार्य करने वाले को दिया जाता है। 1901 से ये रिवायत जारी है। इस पुरस्कार के साथ अल्फ्रेड नोबेल का नाम जुड़ा हुआ है, वो शख्स जिन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया! इस पुरस्कार की नींव कैसे पड़ी, क्यों पड़ी और क्या वो एक अनसुलझी गुत्थी है?

ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ 2025: एंजेलिना जोली इफेक्ट के साथ ‘हर यात्रा मायने रखती है’

IANS | October 2, 2025 5:23 PM

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। 2013 में हॉलीवुड अभिनेत्री एंजेलिना जोली ने दुनिया को एक बड़े फैसले से सबको चौंका दिया। उनकी मां (मार्शलीन बर्ट्रेंड) की मृत्यु ओवरी कैंसर से हुई थी। जोली ने टेस्ट कराया और पाया कि उनमें बीआरसीए1 जीन म्यूटेशन है, जो उनके ब्रेस्ट कैंसर के चांस को 87 फीसदी तक बढ़ा रहा था। एंजेलिना ने प्रिवेंटिव डबल मास्टेक्टॉमी (दोनों स्तनों को सर्जरी से हटवाना) करवा लिया।

नहीं रहीं जेन गुडॉल: भारत आई थीं मिस्टर 'एच' के साथ, बताया था क्यों है वो खास

IANS | October 2, 2025 2:25 PM

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुनिया की महान प्राइमेटोलॉजिस्ट 'जेन गुडॉल' अब हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनकी जिंदगी की कहानियां आज भी उतनी ही जीवंत हैं जितनी अफ्रीका के जंगल! जेन ने 1 अक्टूबर 2025 को कैलिफोर्निया में अंतिम सांस ली। जेन गुडॉल इंस्टीट्यूट ने इसकी जानकारी दी।

बिहार विधानसभा चुनाव : केवटी में चीनी मिल और पलायन बड़ा मुद्दा, रोमांचक होगा मुकाबला

IANS | September 30, 2025 8:32 PM

पटना, 30 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के साथ ही मधुबनी लोकसभा क्षेत्र और दरभंगा जिले के अंतर्गत आने वाले केवटी विधानसभा सीट पर सियासी हलचल तेज हो गई है। यह सीट बिहार की राजनीति में हमेशा से अहम रही है। यहां का इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। मुकाबले अक्सर रोमांचक और कांटे के होते आए हैं।

देवी विसर्जन सम्मान और भक्ति का प्रतीक, मां की 'विदाई' में छुपा है खास संदेश

IANS | September 30, 2025 2:38 PM

नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। देवी दुर्गा विसर्जन बांग्ला संस्कृति का एक अत्यंत भावपूर्ण और धार्मिक अनुष्ठान है। दुर्गा पूजा का यह अंतिम दिन, जिसे विसर्जन कहा जाता है, केवल मूर्ति को जल में प्रवाहित करने का नहीं, बल्कि श्रद्धा, प्रेम और सांस्कृतिक प्रतीक से भरा हुआ होता है।

स्वास्थ्य का नया मंत्र है 'हेल्थ इन इकोसिस्टम', साधारण तरीकों को अपना निभाएं जिम्मेदारी

IANS | September 29, 2025 3:52 PM

नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। हमारी सेहत का खजाना संतुलित जीवनशैली पर टिका है। एक सच यह भी है कि हमारी सेहत का रिश्ता सिर्फ शरीर से नहीं, बल्कि पूरे पर्यावरण से जुड़ा है। इसे ही विशेषज्ञ अब 'हेल्थ इन इकोसिस्टम' कह रहे हैं। इसका मतलब है – अगर हमारा वातावरण संतुलित और स्वस्थ होगा तो हम भी स्वस्थ रहेंगे। डब्ल्यूएचओ भी इसे लेकर दुनिया को प्रेरित करता है।

डीएनए आधारित डाइट: 'वन-साइज-फिट्स-ऑल नहीं' वाली नई सोच ट्रेंड में, आखिर ये है क्या?

IANS | September 29, 2025 1:34 PM

नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। हमारे यहां शायद हर जेनरेशन को घोल कर पिलाया जाता है कि सेहतमंद रहने के लिए सबको एक जैसा खाना चाहिए। मतलब सुबह दूध, दोपहर को दाल-चावल और रात में हल्का और सुपाच्य भोजन। इन सबके सेवन का समय भी फिक्स करने की सलाह दी जाती है। लेकिन बदलते समय में ये धारणा भी बदल रही है। यूं तो वैज्ञानिक रिसर्च कई होते हैं लेकिन एक ऐसा है जो पुख्ता तौर पर कहता है कि आपकी थाली में क्या हो, क्या नहीं, ये रिवायत नहीं, आपके डीएनए को तय करना होता है!

गरबा और डांडिया: शरीर और दिमाग के लिए हल्की और असरदार वर्कआउट

IANS | September 24, 2025 6:13 PM

नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। शारदीय नवरात्रोत्सव की महक चारों ओर बिखरी है। देवी उपासक हर वो प्रयास करते हैं जिससे उनकी कृपा के पात्र बनें। बंगाल में जहां षष्ठी से मां दुर्गे की पूजा का विधान है, वहीं नवरात्र की प्रतिपदा से गुजरात में डांडिया और गरबा की धूम होती है। नवरात्र का पर्व सिर्फ आध्यात्मिक उत्सव नहीं, बल्कि फिटनेस का भी अवसर है। गरबा और डांडिया जैसे पारंपरिक नृत्य केवल संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि ये कैलोरी बर्न, कार्डियो हेल्थ और मूड बूस्ट करने में भी मदद करते हैं।