दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से पद्म विभूषण तक, आशा ताई को मिले ये अवॉर्ड्स

IANS | April 12, 2026 9:14 PM

मुंबई, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। सुरों की रानी आशा भोसले हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनकी मधुर आवाज और शानदार उपलब्धियां हमेशा याद की जाएंगी। मात्र नौ साल की उम्र से गाना शुरू करने वाली आशा भोसले ने सात दशकों से भी ज्यादा लंबे करियर में हजारों गाने गाए और हर तरह की संगीत शैली पर अपनी छाप छोड़ी।

आशा भोसले : 15 साल बड़े गणपत राव से पहली शादी, तलाक के 20 साल बाद थामा था छह साल छोटे आरडी बर्मन का हाथ

IANS | April 12, 2026 7:25 PM

मुंबई, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। सिंगर आशा भोसले की मधुर आवाज ने दशकों तक करोड़ों दिलों को छुआ, लेकिन उनकी निजी जिंदगी का एक हिस्सा विवादों और संघर्षों से भरा रहा। 92 वर्ष की उम्र में दुनिया से विदा लेने वाली आशा ताई ने दो शादियां कीं। पहली शादी उनसे 15 साल बड़े व्यक्ति गणपत राव से हुई थी, जबकि दूसरी शादी तलाक के करीब 20 साल बाद उनसे 6 साल छोटे संगीतकार आरडी बर्मन से हुई।

आशा ताई, आपने ही कहा था ‘अभी न जाओ छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं...' और खुद तोड़ दिया वादा

IANS | April 12, 2026 4:26 PM

मुंबई, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। वो आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई, जिसने कभी गुनगुनाया था ‘अभी न जाओ छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं...' अपनी जादुई आवाज के दम पर भारतीय संगीत जगत को सात दशकों तक रोशन करने वाली सुरों की आशा अब हमारे बीच नहीं हैं , मगर उनके गाए गाने, किस्से और यादें हमेशा प्रशंसकों के लिए खास बनी रहेगी।

यादों में आशा: रोते हुए गाया था 'बंदिनी' का वो गीत, एसडी बर्मन से पड़ी थी जबरदस्त डांट

IANS | April 12, 2026 3:09 PM

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। आशा ताई नहीं रहीं। हिंदी फिल्म जगत और उनके चाहने वाले उन्हें प्यार से 'ताई' ही कहते थे। इनका हरेक गाना एक मिसाल और धुआंधार था। कहां तान लेनी है, किस अंतरे पर आवाज के साथ खेलना है, कौन सी जगह पर भावनाओं का तड़का लगाना है और कहां मुरकी लेकर हैरान करना है, इसमें माहिर थीं पद्म विभूषण आशा भोसले। जैसे आग में तपकर सोना कुंदन बन जाता है, वैसा ही इस जिद्दी सिंगर के लिए कहा जा सकता है। लता की बहन को सब कुछ थाली में सजा कर नहीं मिला; बड़ा जतन किया रियाज करते हुए गायकी में धमक के साथ अपना मुकाम बनाने के लिए!

रेडियो पर बैन तो दूरदर्शन ने हटा दिया था आशा भोसले का यह गाना, फिर भी 'बेस्ट प्लेबैक सिंगर' का अवॉर्ड अपने नाम किया

IANS | April 12, 2026 1:52 PM

मुंबई, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। ‘सुरों की आशा’ कहे जाने वाली आशा भोसले ने अपनी अनोखी आवाज से हिंदी सिनेमा को अमर गाने दिए। उनके गाए गाने कभी पुराने नहीं पड़ते बल्कि समय के साथ और निखरते जाते हैं। लाखों दिलों में बस चुकी उनकी आवाज अब हमेशा आशा भोसले की याद दिलाएगी। आज का दिन फिल्म इंडस्ट्री के साथ ही म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए भी काले अध्याय की तरह है। सुरों की आशा...अब हमारे बीच नहीं रहीं। वह अपने पीछे छोड़ गईं अनगिनत यादें, सुरीली आवाज में गाए गाने और ढेरों किस्से...

जब 'क्लैपर बॉय' राज कपूर को केदार शर्मा ने जड़ दिया थप्पड़, अगले ही दिन 'नील कमल' के लिए किया था कास्ट

IANS | April 11, 2026 8:38 PM

मुंबई, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। तारीख बदलती गई, दिन ढलते गए, मगर सिनेमा जगत के कुछ सितारे ऐसे हुए जो कभी पुराने नहीं हुए। आज भी जब उनका जिक्र होता है तो सिनेमा का सुनहरा दौर अपनी बेहतरीन फिल्मों के साथ सामने आ जाता है। ऐसे ही बेहतरीन निर्देशक, गीतकार, और लेखक थे केदार शर्मा।

पाकिस्तान में ईरानी डेलीगेशन: लीड कर रहे गालिबाफ आखिर कौन?

IANS | April 11, 2026 3:29 PM

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरानी संसद के स्पीकर इन दिनों काफी चर्चा में है। विदेशी मीडिया (खासकर अमेरिकी और यूरोपीय) ने उनको पिछले दिनों सुर्खियों में बनाए रखा। दावा किया गया कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पसंद हैं, हालांकि गालिबाफ के सोशल मीडिया पोस्ट्स में आक्रामकता साफ दिखी।

भारतीय सिनेमा का पहला 'सुपरस्टार': रेलवे में टाइमकीपर तो होटल में काम, जिन्होंने 'देवदास' को अमर कर दिया

IANS | April 10, 2026 11:45 PM

मुंबई, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे कई सितारे हुए जिनका नाम लेते ही फिल्में हों या गाने प्रशंसकों के मानस पटल पर छा जाते हैं। भारतीय सिनेमा जगत के ऐसे ही एक सितारे का नाम कुंदन लाल सहगल है, जिन्हें केएल सहगल के नाम से खूब लोकप्रियता मिली।

कभी बतौर असिस्टेंट काम करते थे महेश भट्ट के भांजे, आज निर्देशक की झोली में 'जहर' से लेकर 'सैयारा' जैसी फिल्में

IANS | April 10, 2026 11:14 PM

मुंबई, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। मेहनत और लगन से फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने वाले महेश भट्ट के भांजे ने इंडस्ट्री को कई खास फिल्में दी हैं। उनकी लिस्ट में 'जहर' से लेकर 'सैयारा' तक जैसी फिल्मों का नाम है, जिनका उन्होंने निर्देशन किया। जी हां! हम बात कर रहे हैं निर्माता-निर्देशक मोहित सूरी की।

यादों में रेणु : 'मैला आंचल' के 'गुलफाम', समाज, साहित्य और सादगी को साधने वाले शब्दशिल्पी

IANS | April 10, 2026 9:32 PM

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। हर साल की 11 अप्रैल कैलेंडर पर दर्ज सिर्फ एक तारीख नहीं है। यह तारीख उस आवाज की खामोशी का प्रतीक है जिसने गांव, खेत, गंध, लोक और मनुष्य के छोटे-छोटे सुख-दुख को शब्दों में ऐसा ढाला कि वे हमेशा के लिए जीवंत हो गए। साल 1977 में 11 अप्रैल को ही साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु का निधन हुआ था। इस दिन उनकी आवाज हमेशा के लिए खामोश जरूर हो गई, लेकिन उनकी लिखावट आज भी रंगमंच से लेकर लोगों के जीवन में उपस्थित है।