गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः, जिसने आपको किताबों का दिया ज्ञान वही नहीं हैं केवल आपके शिक्षक

IANS | September 5, 2024 8:47 AM

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः, गुरुः साक्षात्‌ परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥ हमारे संतों ने जगत में गुरु को ही सर्वश्रेष्ठ माना है। क्योंकि गुरु ही छात्रों के एक मात्र हितैषी हैं, वे सब कुछ करने वाले हैं, बिना उनके ज्ञान रूपी आशीर्वाद के कुछ भी नहीं होने वाला है। ऐसे में गुरु के अतिरिक्त किसी और पर भरोसा करने वाला ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता।

यत्र तत्र सर्वत्र : शरद, समाज और सरकार, सिस्टम पर व्यंग्य बाण चलाने वाला साहित्यकार

IANS | September 5, 2024 8:18 AM

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। 'तुम्हारे आने के चौथे दिन, बार-बार यह प्रश्न मेरे मन में उमड़ रहा है, तुम कब जाओगे अतिथि।' भले ही यह व्यंग्य लगे। लेकिन, यह हमारे समाज, हमारे परिवार और हमारे समय की सच्चाई है। ऐसा लिखने वाला शख्स समाज की हर उस नब्ज को टटोलने में माहिर है, जिसके जरिए हम रिश्तों को परिभाषित करने का 'दंभ' भरते और 'इतराते' दिख जाते हैं।

'गुनाहों का देवता' को गुजरे 27 बरस, एक रचनाकार जो हर चंदर और सुधा का बना संबल

IANS | September 4, 2024 9:46 AM

नई दिल्ली, 4 सितंबर (आईएएनएस)। सर्दियों की हल्की धूप में ना ठंडक और ना गर्मी का अहसास, एक पहाड़ और हर तरफ हरियाली, कानों में कोयल की कूक, सब कुछ सपनों की दुनिया जैसी... अचानक सपना टूटता है, आंखें खुलती है और नजरें किताब के पन्ने पर पड़ती है।

भारतीय राजनीति के 'पितामह', जिन्होंने पहली बार 'ब्रिटिश राज की लूट' से जुड़ी थ्योरी की पेश

IANS | September 4, 2024 9:34 AM

नई दिल्ली, 4 सितंबर (आईएएनएस)। दादा भाई नौरोजी को 'भारतीय राजनीति का पितामह' कहा जाता है। वह दिग्गज राजनेता, उद्योगपति, शिक्षाविद् और विचारक भी थे। वह काफी मेधावी छात्र रहे और शिक्षक उनकी खूब तारीफ भी करते थे। साल 1845 में वह एल्फिन्स्टन कॉलेज में गणित के प्राध्यापक बने।

'महाश्वेता' और 'एम सी मेहता' एक युग प्रवर्तक तो दूसरा पर्यावरण संरक्षक कैसे इन दो महान विभूतियों को देश करेगा याद

IANS | September 1, 2024 9:21 AM

नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। साल था 1997 का और भारत अपनी आजादी के 50 साल पूरे कर रहा था। इस सब के बीच भारत के दो युग प्रवर्तकों को इस साल दुनिया में खूब सुना गया। ये थे महाश्वेता देवी और एम सी मेहता। महाश्वेता देवी साहित्यकार, उपन्यासकार, निबन्धकार के साथ ही समाज में अपनी रचनाओं के जरिए एक अलग विश्वास पैदा कर चुकी थीं तो दूसरी तरफ दुनिया में पर्यावरण बचाने को लेकर उठते शोर के बीच एक और मसीहा था जो इसके संरक्षक के तौर पर उभरकर सामने आया था नाम था एम सी मेहता। दोनों को 1 सितंबर के दिन ही रेमन मैग्सेसे पुरस्कार दिया गया।

शिवाजी सावंत: जिनके पहले ही उपन्यास ‘मृत्युंजय’ ने रचा कीर्तिमान, अंगराज कर्ण की कहानी बयां कर हो गए अमर

IANS | August 31, 2024 2:13 PM

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। महाभारत का कर्ण कुछ अलग ही था। सूर्य कवच और कुंडल वाला महा दानवीर जिसने जीवन में बहुत कुछ सहा। जो कुंती के परित्यक्त पुत्र ने सहा उसकी गाथा को शिवाजी सांवत ने एक उपन्यास का आकार दे दिया। मराठी कृति का कई भाषाओं में अनुवाद हुआ और आज भी साहित्य जगत में 'मृत्युजंय' का खास दखल है।

परिवार से ज्यादा फॉलोअर्स से कनेक्टेड होते हैं जेन ज़ेड

IANS | August 30, 2024 4:50 PM

नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। आज के युवाओं को अक्सर 'जेन ज़ेड' के नाम से जाना जाता है। यह पीढ़ी तकनीक के साथ पली-बढ़ी है और सोशल मीडिया उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। सोशल मीडिया, हालांकि संचार और जुड़ाव का एक शक्तिशाली माध्यम है। सोशल मीडिया ने दुनिया को करीब लाने का काम तो किया है, लेकिन इसका दूसरा पहलू भी सामने आ रहा है।

अन्नू रानी बर्थडे : जैवलिन थ्रोअर जिसने दकियानूसी सोच की बेड़ियों को तोड़कर हासिल किया नया मुकाम

IANS | August 28, 2024 12:17 PM

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। जब जैवलिन की बात आती है तो भारत में सबकी नजरें नीरज चोपड़ा पर ठहर जाती हैं। लेकिन भारतीय महिला जैवलिन थ्रोअर अन्नू रानी एक ऐसी एथलीट हैं जिन्होंने देश का नाम रोशन करने की यात्रा में जीवन की बहुत विपरीत स्थितियों का सामना किया। साधारण से परिवार में जन्मी इस लड़की के पास न तो वह पारिवारिक माहौल था और न ही खेल को बढ़ावा देने के लिए संसाधन। मैदान के नाम पर खेत थे और जैवलिन के नाम पर बांस या गन्ना ही होता था। इन संघर्षों से गुजरकर जैवलिन में मुकाम हासिल करने वाली अन्नू रानी 28 अगस्त को अपना 32वां जन्मदिन मना रही हैं।

बर्थडे स्पेशल : फिराक गोरखपुरी और राजेंद्र यादव, जिनके लिखने के अंदाज में थी क्रांति की ललक और बेबाकी

IANS | August 28, 2024 11:20 AM

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। उर्दू शायरी हो या फिर हिंदी साहित्य। अक्सर चर्चाएं होती हैं कि इनमें कौन एक-दूसरे से बेहतर है। लेकिन, हम आज आपको उर्दू शायरी और हिंदी साहित्य की दो ऐसी शख्सियतों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने अपनी कलम की स्याही से समाज को नई दिशा देने का काम किया। हम बात कर रहे हैं उर्दू के मशहूर शायर फिराक गोरखपुरी और लोकप्रिय उपन्यासकार राजेंद्र यादव की। इन दोनों ही हस्तियों का जन्म 28, अगस्त को हुआ था।

बर्थडे स्पेशल : 'द्रास का टाइगर'... जिसने अपनी जान के बदले पहाड़ की चोटियों से दुश्मन को खदेड़ दिया

IANS | August 28, 2024 10:41 AM

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। 'ये अंगूठी रख लो और मेरी मंगेतर को दे देना, मुझसे ये बोझ उठाया नहीं जाता', अपने साथी को यह कहते हुए भारत मां का एक 'वीर सिपाही' दुश्मन को सबक सिखाने निकल पड़ा। हीर रांझा की प्रेम कहानियां तो आपने कई बार सुनी होगी लेकिन देश प्रेम के लिए अपने प्यार को भी कुर्बान करने वाले इस नौजवान की प्रेम कहानी आपकी आंखे नम कर देगी।