केरवा से फलेला घेवद से: छठ के गीतों में बसी है ममता और मिट्टी की महक
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। लोकपर्व छठ अब ग्लोबल हो गया है। बिहार या पूर्वांचल के लोग दुनिया के जिस भी कोने में बसे हैं बड़े शान और सम्मान से छठी मईया को पूजते हैं। पर्व की आहट के साथ ही गांवों की पगडंडियां, तालाबों के किनारे, मिट्टी के आंगन और नदी के घाट किसी अनदेखे सुर से भर उठते हैं।