धर्म सृष्टि का आधार, मतांतरण की आवश्यकता नहीं, सनातन संस्कृति से विश्व कल्याण : मोहन भागवत
वलसाड, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। गुजरात के वलसाड में शनिवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने समाज, धर्म और संस्कृति के महत्व पर विस्तृत विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारा समाज प्राचीन काल से चला आ रहा है और इसमें संतों से लेकर सामान्य व्यक्ति तक सभी के हृदय में धर्म का भाव विद्यमान है। यह धर्म का भाव ही समाज को एकजुट रखता है और जीवन की हर गतिविधि को संचालित करता है।