नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बर्दवान जिले की आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट पर हुए चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। इस सीट से भाजपा के उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी ने जीत दर्ज की है, जबकि टीएमसी के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में मंत्री रहे मलय घटक को हार का सामना करना पड़ा है।
टीएमसी के मलय घटक को 92,901 वोट मिले, वहीं जीत दर्ज करने वाले भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी को 1,04,516 वोट मिले। तीसरे स्थान पर सीपीआई के उम्मीदवार अखिलेश कुमार सिंह और चौथे स्थान पर कांग्रेस के उम्मीदवार रहे।
आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट पर मतदान 23 अप्रैल को पहले चरण में हुआ था। चुनावी मैदान में कई प्रमुख उम्मीदवार उतरे थे। तृणमूल कांग्रेस ने राज्य के वरिष्ठ मंत्री मलय घटक को उम्मीदवार बनाया था। भाजपा ने कृष्णेंदु मुखर्जी को मैदान में उतारा था। कांग्रेस ने प्रसेंजित पुइतांडी को प्रत्याशी बनाया, जबकि वाम दलों की ओर से सीपीआई ने अखिलेश कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया था। एआईएमआईएम से दानिश अजीज, एसयूसीआई (सी) से कल्लोल कुमार राय और कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में थे।
पश्चिम बंगाल की आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट पश्चिम बर्दवान जिले की अहम शहरी सीटों में गिनी जाती है। औद्योगिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह सीट राज्य की चर्चित शहरी विधानसभा सीटों में शामिल है। आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट आसनसोल लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इस संसदीय क्षेत्र से फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के शत्रुघ्न सिन्हा सांसद हैं, जबकि विधानसभा स्तर पर यह सीट तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ मानी जाती है।
आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट का वर्तमान स्वरूप 2011 में परिसीमन के बाद सामने आया। हालांकि मूल आसनसोल विधानसभा क्षेत्र 1951 से अस्तित्व में था, लेकिन 2006 की परिसीमन प्रक्रिया के बाद इसे पुनर्गठित कर 2011 में आसनसोल उत्तर को अलग विधानसभा सीट के रूप में स्थापित किया गया।
आसनसोल उत्तर सीट पर सबसे अधिक प्रतिनिधित्व तृणमूल कांग्रेस का रहा है। 2011 में सीट के मौजूदा स्वरूप में आने के बाद से मलय घटक लगातार 2011, 2016 और 2021 में यहां से विधायक चुने जाते रहे हैं। हालांकि 1951 से 2006 तक पुराने आसनसोल क्षेत्र में वाम दलों, खासकर सीपीआई (एम), का प्रभाव मजबूत रहा था, लेकिन परिसीमन के बाद बने आसनसोल उत्तर में तृणमूल कांग्रेस का दबदबा सबसे मजबूत रहा।
आसनसोल उत्तर सीट पर 2026 में 88.29 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो इस शहरी सीट के लिए काफी ज्यादा माना जा रहा है। 2021 में यहां 69.21 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि 2016 में 73.68 प्रतिशत और 2011 में 76.86 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इस लिहाज से 2026 का मतदान इस सीट के इतिहास का सबसे ज्यादा मतदान प्रतिशत रहा और इसने पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
अगर पुराने चुनावी रुझानों की बात करें तो 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के मलय घटक ने 1,00,931 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। भाजपा के कृष्णेंदु मुखर्जी 79,821 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे।
--आईएएनएस
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