लालटेन का तेल खत्म, तेजस्वी ने हार स्वीकार ली : शाहनवाज हुसैन

IANS | October 25, 2025 11:39 PM

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार चुनाव के बीच भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी ने चुनाव में हार स्वीकार कर ली है और अब वे इस चिंता में दुबले हो रहे हैं कि एनडीए का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।

साबरकांठा के हापा गांव का प्राथमिक स्कूल: अत्याधुनिक लाइब्रेरी से बच्चों और युवाओं का भविष्य उज्ज्वल

IANS | October 25, 2025 10:53 PM

साबरकांठा, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर तालुका में स्थित हापा गांव का प्राथमिक स्कूल शिक्षा और समग्र विकास का अनूठा उदाहरण बन गया है। इस स्कूल में न केवल बच्चों को आधुनिक शिक्षा दी जा रही है, बल्कि उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

बिहार चुनाव 2025: पिछले तीन चुनावों में फतुहा सीट पर राजद का दबदबा, जातिगत फैक्टर पर टिकी है राजनीति

IANS | October 25, 2025 10:23 PM

पटना, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला फतुहा विधानसभा सीट 1957 में अपनी स्थापना के बाद से 18 बार चुनावी जंग का गवाह बन चुकी है। हाल के वर्षों में इसकी पहचान एक ऐसी सीट के रूप में बनी है, जहां जातीय गोलबंदी और सामाजिक समीकरण ही चुनावी नतीजे तय करते हैं। यहां की राजनीति पूरी तरह से जातिगत फैक्टर पर टिकी हुई है।

झाझा विधानसभा सीट : जदयू और राजद के बीच कड़ा मुकाबला, कुल 9 उम्मीदवार मैदान में

IANS | October 25, 2025 8:18 PM

पटना, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। झाझा विधानसभा सीट पर चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। यह सीट बिहार के जमुई जिले के अंतर्गत आती है। झाझा को अक्सर बिहार का 'मिनी शिमला' कहा जाता है क्योंकि यह झारखंड की सीमा के बिल्कुल निकट पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है।

बिहार चुनाव : आरक्षण के बाद बदला मसौढ़ी विधानसभा सीट का समीकरण, अब जदयू-राजद की सीधी टक्कर

IANS | October 25, 2025 8:17 PM

पटना, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी पटना से दक्षिण में स्थित मसौढ़ी का इतिहास जितना दिलचस्प है, इसका वर्तमान राजनीतिक गणित उतना ही अचूक है। एक समय था, जब इस जगह को 'तारेगना' के नाम से जाना जाता था, जिसका सीधा मतलब था- 'तारों की गणना करना'। माना जाता है कि इसी पवित्र धरती पर भारत के महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट ने छठी शताब्दी में एक खगोल वेधशाला स्थापित की थी। मसौढ़ी में आज भी प्राचीन मणिचक सूर्य मंदिर मौजूद है।

जमुई विधानसभा सीट : 2020 में पहली बार खिला 'कमल', क्या फिर कमाल कर पाएंगी भाजपा की श्रेयसी सिंह?

IANS | October 25, 2025 8:15 PM

पटना, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। जमुई जिले की जमुई विधानसभा सीट बिहार की महत्वपूर्ण और रणनीतिक सीटों में से एक है। यह क्षेत्र बिहार-झारखंड की सीमा पर स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और भूगर्भीय संपदा के लिए जाना जाता है। उत्तर में गंगा का उपजाऊ मैदान है, जबकि दक्षिण में छोटा नागपुर का पठारी क्षेत्र फैला हुआ है।

बिहार चुनाव : फुलवारी विधानसभा सीट पर हर बार बदलता है समीकरण, जानें सियासी इतिहास

IANS | October 25, 2025 8:08 PM

पटना, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी पटना से सटी फुलवारी विधानसभा सीट कहने को यह विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, लेकिन यह सीट प्रदेश की राजनीति में किसी तूफानी समंदर से कम नहीं है।

बिहार चुनाव : मनेर का लड्डू जितना मीठा उतना ही खट्टा है इस सीट का राजनीतिक इतिहास, ऐसे बन रहा समीकरण

IANS | October 25, 2025 7:59 PM

पटना, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। पटना जिले का मनेर विधानसभा क्षेत्र बिहार की राजनीति में सिर्फ एक चुनावी सीट नहीं, बल्कि यह वह धरती है जहां सूफी संतों की पवित्र वाणी, संस्कृत के महानतम विद्वानों की शिक्षा और राजनीति के सबसे कड़े मुकाबले आपस में मिलते हैं।

बेलहर विधानसभा सी टः यादवों की भूमि, एक बार फिर जदयू-राजद के बीच कड़ा मुकाबला

IANS | October 25, 2025 7:46 PM

पटना, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। बांका जिले की बेलहर विधानसभा सीट इस बार चुनावी दृष्टि से काफी अहम मानी जा रही है। यह सीट 1962 में स्थापित हुई थी और बांका लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इसमें बेलहर, फुल्लीडुमर और चांदन तीन प्रमुख प्रखंड आते हैं।

कटोरिया विधानसभा सीट : एसटी रिजर्व होने के बाद बदला चुनावी परिदृश्य, भाजपा-राजद के बीच कड़ा मुकाबला

IANS | October 25, 2025 7:42 PM

पटना, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। बांका जिले की कटोरिया विधानसभा सीट इस बार चुनावी दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। यह सीट बांका लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और इसमें कटोरिया व बौंसी प्रखंड आते हैं। कटोरिया विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है। इसकी स्थापना 1951 में सामान्य सीट के रूप में हुई थी, लेकिन 2008 के परिसीमन के बाद इसे एसटी आरक्षित कर दिया गया। इससे पहले कांग्रेस का इस क्षेत्र में दबदबा था, लेकिन आरक्षित होने के बाद चुनावी परिदृश्य पूरी तरह बदल गया।