'जी हां हुजूर, मैं गीत बेचता हूं’, जब एक कवि ने खुद को गीतफरोश कहा और अमर हो गया, कहानी 'कविता के गांधी' भवानी प्रसाद मिश्र की
नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। सहज लेखन और सहज व्यक्तित्व का नाम है, भवानी प्रसाद मिश्र। कविता और साहित्य के साथ-साथ राष्ट्रीय आंदोलन में जिन कवियों की सक्रिय भागीदारी थी, उनमें भवानी प्रसाद मिश्र भी प्रमुख थे। गांधीवाद पर आस्था रखने वाले मिश्र की कविताएं हिंदी की सहज लय की कविताएं हैं। इस सहजता का संबंध महात्मा गांधी के चरखे की लय से भी जुड़ता है, इसीलिए उन्हें 'कविता का गांधी' भी कहा गया।