अहिल्याबाई होल्कर: ससुर के कहने पर सती प्रथा को ठुकराकर संभाला मालवा साम्राज्य, बदली शासन और न्याय की परिभाषा
नई दिल्ली, 30 मई (आईएएनएस)। यह अठारहवीं शताब्दी के भारत की बात है। वर्तमान महाराष्ट्र के चोंडी गांव के एक छोटे से शिव मंदिर की सीढ़ियों पर आठ वर्ष की एक बच्ची पूरी तन्मयता से धूल साफ कर रही थी। उसी समय मराठा साम्राज्य के महान सेनापति और मालवा के सूबेदार मल्हार राव होल्कर अपनी सेना के साथ वहां से गुजर रहे थे।