शारीरिक-मानसिक समस्याओं पर लगेगी लगाम, छोटे-छोटे बदलाव से बनेगी बात

IANS | May 18, 2026 9:48 PM

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियंत्रित खान-पान सेहत के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। समय की कमी की वजह से कहीं दो मिनट में खाना बन जाता है तो कहीं बाहर का खाना ऑर्डर हो जाता है। मगर ये आदतें न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य का भी दुश्मन हैं।

देखने में सुंदर, सेहत के लिए लाभकारी, औषधीय गुणों से भरपूर श्रीकृष्ण को प्रिय 'कदम'

IANS | May 18, 2026 8:10 PM

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। प्रकृति ने ऐसे कई फल-फूल दिए हैं, जो न केवल देखने में सुंदर, स्वाद से भरपूर बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर हैं। ऐसे ही एक फल का नाम कदम है, जो पोषक तत्वों से भरपूर है और भगवान श्री कृष्ण को भी अति प्रिय है।

शरीर में लगातार थकान और कमजोरी दिखना प्रोटीन की कमी का बड़ा 'संकेत', समय रहते पहचानना जरूरी

IANS | May 18, 2026 7:14 PM

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में ज्यादातर लोग अपने खानपान को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं, लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि बाहर से सबकुछ ठीक दिखने के बावजूद शरीर अंदर ही अंदर जरूरी पोषण की कमी से जूझ रहा होता है। खासकर प्रोटीन की कमी एक ऐसी समस्या है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।

पोषक तत्वों से भरपूर 'कटहल', सेहत के साथ-साथ स्वाद का भी साथी

IANS | May 18, 2026 4:41 PM

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। प्रकृति ने पोषक तत्वों से भरपूर ऐसी कई फल-फूल व सब्जियां दी हैं, जो स्वाद में लाजवाब होने के साथ ही सेहत के लिए अनगिनत फायदों से भरे होते हैं। आयुर्वेद फाइबर, विटामिन सी समेत अन्य औषधीय गुणों से भरपूर कटहल के सेवन की सलाह देता है।

पेट में जलन और एसिडिटी से हैं परेशान? रसोई में मौजूद ये मसाले दे सकते हैं राहत

IANS | May 18, 2026 4:37 PM

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। देर रात तक जागना, समय पर खाना न खाना और घंटों बैठकर काम करना अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। यही वजह है कि एसिडिटी, पेट में जलन, खट्टी डकारें, गैस और अपच जैसी परेशानियां अब हर उम्र के लोगों में आम हो गई हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, जब पेट में बनने वाला एसिड भोजन नली की तरफ लौटने लगता है, तो उसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है। इससे सीने में जलन और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। इससे राहत पाने के लिए भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले कई मसाले मौजूद है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

कहीं 'ईटिंग डिसऑर्डर' से तो नहीं जूझ रहा आपका बच्चा? ऐसे करें पहचान व समाधान

IANS | May 18, 2026 3:48 PM

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और सोशल मीडिया के प्रभाव में बच्चे कई शारीरिक व मानसिक समस्याओं की जद में आसानी से आ जा रहे हैं। इन्हीं में से एक गंभीर समस्या है ईटिंग डिसऑर्डर यानी खाने की गड़बड़ी। माता-पिता के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि उनका बच्चा सामान्य रूप से खा-पी रहा है या उसके खाने का रिश्ता अस्वास्थ्यकर हो गया है।

दिन भर छाई रहती है सुस्ती, छोटे-छोटे काम के बाद थक जाता है शरीर? उष्ट्रासन से दूर होगी समस्याएं

IANS | May 18, 2026 11:52 AM

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। क्या आपको दिन भर सुस्ती छाई रहती है? छोटे-छोटे काम करते ही शरीर थकान महसूस करता है? कम ऊर्जा, पीठ और कंधों में अकड़न, आंखों में तनाव या शारीरिक रुकावट जैसी समस्याएं आपको परेशान कर रही हैं? भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इन समस्याओं के समाधान के रूप में उष्ट्रासन की सिफारिश की है।

गर्मियों में लापरवाही हो सकती है खतरनाक, अपनाएं ये 7 आयुर्वेदिक वेलनेस टिप्स

IANS | May 17, 2026 8:59 PM

नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। देशभर में तेजी से बढ़ते तापमान और गर्मी की चपेट में आमजन को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आयुर्वेद गर्मियों में स्वस्थ रहने के लिए सात आसान और प्रभावी वेलनेस टिप्स के बारे में जानकारी देता है।

खराब लाइफस्टाइल बना सकती है एग्स को कमजोर, समय रहते संभलना जरूरी

IANS | May 17, 2026 4:43 PM

नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि महिलाओं की मां बनने की क्षमता पर भी पड़ रहा है। देर रात तक जागना, तनाव लेना, बाहर का ज्यादा खाना और नींद पूरी न होना जैसी चीजें सेहत पर धीरे-धीरे असर डालती हैं।

कलंक नहीं जागरुकता का विषय है मानसिक स्वास्थ्य, जानें इससे जुड़े सात मिथक और सच

IANS | May 17, 2026 2:50 PM

नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। मानसिक स्वास्थ्य आज भी हमारे समाज में सबसे ज्यादा कलंकित विषयों में से एक है। जानकारी के अभाव में लोग इसे कमजोरी समझते हैं या फिर आमतौर पर नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों को तोड़ना बेहद जरूरी है। इससे न सिर्फ कलंक कम होगा बल्कि जरूरत पड़ने पर लोग बिना झिझक मदद भी ले सकेंगे।