साप्ताहिक राशिफल : 22 सितंबर से 28 सितंबर 2025 तक

IANS | September 21, 2025 8:37 AM

लग्नराशि पर आधारित कलाशांति ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल में जानिए कि इस सप्ताह आपका पारिवारिक जीवन, आर्थिक दशा, स्वास्थ्य और कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति कैसी रहेगी। आपको यह भी जानकारी मिलेगी कि इस सप्ताह आपको क्या-कुछ मिलने वाला है, आपके लिए क्या-क्या करना फायदेमंद रहेगा और परेशानियों से बचने के लिए आपको कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए?

नवरात्रि विशेष : कैसे तय होती है माता के आगमन और प्रस्थान की सवारी? जानिए शुभ-अशुभ संकेत

IANS | September 21, 2025 8:12 AM

नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। नवरात्रि का पर्व भारतीय संस्कृति और आस्था का सबसे प्रमुख त्योहार है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। इस महापर्व का एक विशेष रहस्य यह भी है कि हर वर्ष मां दुर्गा किस वाहन पर सवार होकर आती हैं और किस पर विदा लेती हैं।

पंडित जितेंद्र अभिषेकी : भक्ति और शास्त्रीय संगीत के अमर स्वर, भजनों से आध्यात्मिकता को दी आवाज

IANS | September 20, 2025 10:30 PM

नई दिल्ली, 20 सितंबर (आईएएनएस)। पंडित जितेंद्र अभिषेकी भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में एक ऐसा नाम है, जो भक्ति रस, हिंदुस्तानी रागों और मराठी थिएटर के पुनरुद्धार के लिए हमेशा याद किया जाएगा। अभिषेकी न केवल शास्त्रीय संगीत के गहन ज्ञाता थे, बल्कि उन्होंने भक्ति संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनका जीवन संगीत की साधना का प्रतीक था, जहां राग-रंगों के माध्यम से आध्यात्मिकता का समावेश हुआ।

स्त्री-मन की सशक्त आवाज प्रभा खेतान, हिंदी साहित्य को दिया नया नजरिया

IANS | September 19, 2025 3:05 PM

नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य की धरती ऐसी कई सशक्त रचनाकारों से समृद्ध है, जिन्होंने अपनी कलम से स्त्री-मन की गहराइयों को न केवल अच्छे से पेश किया है बल्कि नारी के अंदर की उलझनों को बहुत खूबसूरती से उकेरने का काम किया है। इनमें डॉ. प्रभा खेतान एक खास नाम हैं, जो कविता से भावनाओं की दुनिया बनाती हैं। साथ ही आलोचना, निबंध और साहित्यिक नारीवादी विचारों से हिंदी साहित्य को नई दिशा देती हैं।

तमिलनाडु का रहस्यमयी मंदिर, जहां श्राद्ध और तर्पण से मिलता है गयाजी जैसा पुण्य

IANS | September 19, 2025 1:54 PM

तमिलनाडु, 19 सितंबर (आईएएनएस)। पितृ श्रद्धा और तर्पण की परंपरा भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। दक्षिण भारत में इसके लिए तमिलनाडु का तिलतर्पणपुरी सबसे पवित्र स्थलों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहीं पर भगवान राम ने अपने पितरों की शांति के लिए पूजा-अर्चना की थी।

चतुर्दशी श्राद्ध : अकाल मृत्यु प्राप्त पितरों को दिलाएं मुक्ति, शनि देव का भी प्राप्त करें आशीर्वाद

IANS | September 19, 2025 8:47 AM

नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध शनिवार को है। यह श्राद्ध उन लोगों के लिए किया जाता है, जिनकी अकाल मृत्यु हुई हो। इस दिन सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा सिंह राशि में रहेंगे।

साहित्य के 'नारायण' : 'अंतिम ऊंचाई' से 'अबकी बार लौटने' का वादा करने वाले कुंवर

IANS | September 18, 2025 4:04 PM

नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। जिंदगी की जद्दोजहद से जूझ रहे आज के युवाओं को साहित्य भी रास्ता दिखा सकता है। कुंवर नारायण की 'अंतिम ऊंचाई' और 'अबकी बार लौटा' कविताएं सिर्फ चंद शब्द नहीं हैं, यह हमारी जिंदगी के सपनों को पाने की अंधाधुंध दौड़ में ठहरकर हमें जो हासिल है, उसके जश्न को मनाने की भी सीख देती हैं।

महाकाल की नगरी उज्जैन का चमत्कारी घाट, जहां श्राद्ध से पितरों को मिलता है बैकुंठ धाम

IANS | September 18, 2025 2:27 PM

उज्जैन, 18 सितंबर (आईएएनएस)। उज्जैन को अवंतिका नगरी और बाबा महाकाल की भूमि के रूप में भी जाना जाता है। सतयुग से ही यहां तर्पण और श्राद्ध कर्म की परंपरा चली आ रही है। उज्जैन में सिद्धवट, रामघाट और गयाकोठा तीर्थ पर पिंडदान और तर्पण सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं।

चाणक्य नीति : सफलता पाने के लिए इन कामों को करने से बचना बेहद जरूरी

IANS | September 18, 2025 2:06 PM

नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। आज के समय में तेजी से बदलती दुनिया में लोग अपने जीवन में कई बार ऐसे कदम उठा लेते हैं, जिससे उन्हें बाद में पछताना पड़ता है। ऐसे में चाणक्य नीति उन्हें सही दिशा दिखाने का काम करती है। यह नीति केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जीवन में उतारने से व्यक्ति अपनी सोच, चरित्र और समाज में अपनी पहचान को संवार सकता है।

गयाजी में अनोखी परंपरा, मंगलागौरी के पास जनार्दन स्वामी मंदिर में स्वयं करें पिंडदान, पाएं मोक्ष

IANS | September 18, 2025 1:39 PM

गयाजी, 18 सितंबर (आईएएनएस)। पितरों के उद्धार और श्राद्ध कर्म के लिए देशभर में कई तीर्थस्थल हैं, लेकिन बिहार का गयाजी हमेशा से ही मोक्षस्थली के रूप में पूजनीय रहा है। मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से 108 कुल और सात पीढ़ियों का उद्धार होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।