शिव की काशी पर मोहित हो गई थीं 64 योगिनियां, यहीं बस गईं, अब चौसट्टी देवी के रूप में होती है पूजा

IANS | April 16, 2025 1:25 PM

वाराणसी, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। “देखी तुमरी काशी, जहां विराजैं विश्वनाथ विश्वेश्वरजी अविनाशी…” हिंदी साहित्यकार भारतेन्दू हरिश्चंद्र की यह कविता काशी की सुंदरता का उल्लेख करती है। इसी सुंदरता और निरालेपन को देखने के लिए हर साल 10 करोड़ से ज्यादा पर्यटक शिवनगरी पहुंचते हैं। धार्मिक ग्रंथ बताते हैं कि 64 योगिनियां भी काशी आई थीं। मगर, उन्हें यह नगरी इतनी प्रिय लगी कि वे यहीं पर रह गईं। माता की चौसट्टी देवी के रूप में पूजा होती है।

जानकर चौंक जाएंगे आप! ब्रश से ज्यादा क्यों बेहतर है आयुर्वेद में वर्णित दातुन, किस महीने में करें कौन सा दातुन

IANS | April 16, 2025 11:34 AM

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। "दन्तविशोधनम् गन्धम् वैरस्यम् च निहन्ति, जिह्वादन्त, आस्यजम् मलम् निष्कृष्य सद्यः रुचिम् आधत्ते।" महर्षि वाग्भट के अष्टांग हृदयम में यह श्लोक वर्णित है, जिसका अर्थ है "दांतों की सफाई से दुर्गंध दूर होती है, जीभ, दांत से गंदगी दूर होती है और स्वाद में सुधार आता है। दांतों की सफाई के साथ पूरे शरीर के लिए दातुन को फायदेमंद माना जाता है। इसके लिए समय भी निर्धारित है।

व्हाइट से ज्यादा नुकसान पहुंचाता है ब्राउन राइस, जानते हैं क्यों?

IANS | April 14, 2025 4:08 PM

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। आर्सेनिक एक ऐसा रासायनिक तत्व है जो इंसानी शरीर के लिए जहर है। यह दिमाग और दिल पर नकारात्मक असर डालता है। एक नई शोध बताती है कि ब्राउन राइस में विषैले रसायन की मात्रा 50 फीसदी से अधिक होती है, इसलिए सेवन करने से पहले ऐहतियात बरतनी चाहिए। लेकिन आखिर ऐसा होता क्यों है? क्यों इसमें जहरीले तत्व की मात्रा ज्यादा होती है? रिसर्च रिपोर्ट इसका भी खुलासा करती है।

सतुआ संक्रांति: सत्तू के दान से प्रसन्न होते हैं देव, तृप्त होते हैं पूर्वज

IANS | April 14, 2025 12:18 PM

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। सतुआन या सतुआ संक्रांति हिंदू धर्म में वह दिन है, जब घड़ा, पंखा, सत्तू और ठंडे फलों को दान कर लोग ढेरों पुण्य कमाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन दान करने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और पूर्वजों की आत्मा तृप्त होती है।

स्वास्थ्य के लिए वरदान है शीशम, इन समस्याओं का करता है खात्मा

IANS | April 14, 2025 11:25 AM

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। गोल-गोल और हरी चमकती पत्तियों की खूबसूरती से आप भले ही मोहित हों लेकिन इनकी औषधीय खूबियों से अनजान होंगे। जी हां! हम बात कर रहे हैं स्वास्थ्य के लिए वरदान शीशम के बारे में जो, कई समस्याओं को खत्म करता है। आयुर्वेदाचार्य शीशम को औषधीय गुणों से भरपूर बताते हैं।

जानिए, ईसाइयों में क्यों मनाया जाता है पाम संडे ?

IANS | April 13, 2025 1:20 PM

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। आज का संडे ईसाइयों के लिए खास है। इसे पाम संडे के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन ईसाई समुदाय के लोग चर्च जाते हैं और वहां विशेष रूप से आयोजित होने वाली प्रार्थना सभा में शिरकत करते हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं कि आखिर यह क्यों मनाया जाता है?

ये नीम कड़वी नहीं! जायके के साथ रखती है सेहत का भी खास ख्याल

IANS | April 13, 2025 10:56 AM

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। नीम का नाम लेते ही कसैले स्वाद वाली पत्तियां आंखों के सामने आ जाती हैं। हालांकि, आज हम एक ऐसे नीम की पत्तियों के बारे में बता रहे हैं, जो अपनी महक से न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाती हैं बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर होने की वजह से सेहतमंद भी रखती हैं। आयुर्वेद में मीठी नीम की पत्ती या करी पत्ता को कई रोगों का नाश करने वाला कहा जाता है।

राष्ट्रपति मुर्मू, पीएम मोदी ने 'सामाजिक परंपराओं और विविधता में एकता के प्रतीक' बैसाखी की दी शुभकामनाएं

IANS | April 13, 2025 9:49 AM

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देशवासियों को बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। नेताओं ने इसे एकता, समृद्धि और नई शुरुआत का पर्व बताया।

जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि, पीढ़ियां याद रखेंगी : पीएम मोदी

IANS | April 13, 2025 9:30 AM

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को जलियांवाला बाग की शहादत याद दिलाई है। उन्होंने मासूम लोगों के बलिदान को स्वतंत्रता संग्राम का एक अहम मोड़ भी बताया है।

भारत में कोई भी अकेला नहीं : दिव्यांग की बेटी को पीएम-जेएवाई के तहत इलाज मिला, पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया

IANS | April 12, 2025 1:52 PM

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत जैसे विशाल देश में, जहां एक अरब से अधिक लोग रहते हैं, हर व्यक्ति को यह अहसास कराना कि उसकी परवाह की जा रही है, एक असाधारण बात है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी संवेदनशीलता और नीतियों के माध्यम से यह संभव कर दिखाया है। राजकोट, गुजरात के विपुल पित्रोड़ा की कहानी इसका जीता-जागता उदाहरण है, जिन्होंने अपनी बेटी की जान बचाने के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) का सहारा लिया और इस दौरान उन्हें न केवल आर्थिक मदद मिली, बल्कि देश के सबसे बड़े नेता से भावनात्मक समर्थन भी प्राप्त हुआ।