पुण्यतिथि विशेष: मानव सेवा आसान नहीं और मदर टेरेसा ने इसी मार्ग को चुना

IANS | September 5, 2024 12:00 PM

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। 'प्यार की भूख रोटी की भूख से कहीं बड़ी है' ऐसा मानती थीं लाखों करोड़ों जरूरतमंदों की मदर टेरेसा। जिन्होंने पूरी जिंदगी हाशिए पर जीवन बसर कर रहे लोगों के लिए गुजार दी। उनका यह विश्वास था कि सच्ची सेवा तभी संभव है जब हम पूरी लगन और समर्पण के साथ काम करें। 'सेवा का कार्य एक कठिन कार्य है,' वाले सिद्धांत पर यकीन रखती थीं और उनकी कार्यशैली में भी यही परिलक्षित होता रहा।

आजाद भारत का 'मानक समय' शुरू हुआ था आज

IANS | September 1, 2024 12:24 PM

नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। आजादी के 16 दिन बाद यानि 1 सितंबर 1947 को देश का समय एक हो गया। उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम हम समय के एक सूत्र में बंध गए। भारत को अपना मानक समय मिल गया। विविधता पूर्ण देश की भारतीय मानक समय की परिकल्पना भी अद्भुत थी। इसका क्रेडिट भी काफी हद तक भारत के लौह पुरुष यानि वल्लभ भाई पटेल को जाता है।

परिवार से ज्यादा फॉलोअर्स से कनेक्टेड होते हैं जेन ज़ेड

IANS | August 30, 2024 4:50 PM

नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। आज के युवाओं को अक्सर 'जेन ज़ेड' के नाम से जाना जाता है। यह पीढ़ी तकनीक के साथ पली-बढ़ी है और सोशल मीडिया उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। सोशल मीडिया, हालांकि संचार और जुड़ाव का एक शक्तिशाली माध्यम है। सोशल मीडिया ने दुनिया को करीब लाने का काम तो किया है, लेकिन इसका दूसरा पहलू भी सामने आ रहा है।

बंगाल का वो 'शेर' जिसने हंसते-हंसते चूमा फांसी का फंदा, अंतिम विदाई देने पहुंचे था पूरा शहर, अर्थी भी समर्थकों ने खरीदी

IANS | August 30, 2024 4:32 PM

नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। 20 साल की ही तो उम्र थी लेकिन बिना कुछ सोचे समझे उसने प्रण किया और मां भारती को आजाद कराने के इरादे संग खुद को झोंक दिया। इस जांबाज का नाम था कानाईलाल दत्त। फांसी के बाद अंग्रेज वार्डेन तक ने कहा था “मैं पापी हूं जो कानाईलाल को फांसी चढ़ते देखता रहा। अगर उसके जैसे 100 क्रांतिकारी आपके पास हो जाएं तो आपको अपना लक्ष्य कर के भारत को आजाद करने में ज्यादा देर न लगे।”

अन्नू रानी बर्थडे : जैवलिन थ्रोअर जिसने दकियानूसी सोच की बेड़ियों को तोड़कर हासिल किया नया मुकाम

IANS | August 28, 2024 12:17 PM

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। जब जैवलिन की बात आती है तो भारत में सबकी नजरें नीरज चोपड़ा पर ठहर जाती हैं। लेकिन भारतीय महिला जैवलिन थ्रोअर अन्नू रानी एक ऐसी एथलीट हैं जिन्होंने देश का नाम रोशन करने की यात्रा में जीवन की बहुत विपरीत स्थितियों का सामना किया। साधारण से परिवार में जन्मी इस लड़की के पास न तो वह पारिवारिक माहौल था और न ही खेल को बढ़ावा देने के लिए संसाधन। मैदान के नाम पर खेत थे और जैवलिन के नाम पर बांस या गन्ना ही होता था। इन संघर्षों से गुजरकर जैवलिन में मुकाम हासिल करने वाली अन्नू रानी 28 अगस्त को अपना 32वां जन्मदिन मना रही हैं।

बर्थडे स्पेशल : 'द्रास का टाइगर'... जिसने अपनी जान के बदले पहाड़ की चोटियों से दुश्मन को खदेड़ दिया

IANS | August 28, 2024 10:41 AM

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। 'ये अंगूठी रख लो और मेरी मंगेतर को दे देना, मुझसे ये बोझ उठाया नहीं जाता', अपने साथी को यह कहते हुए भारत मां का एक 'वीर सिपाही' दुश्मन को सबक सिखाने निकल पड़ा। हीर रांझा की प्रेम कहानियां तो आपने कई बार सुनी होगी लेकिन देश प्रेम के लिए अपने प्यार को भी कुर्बान करने वाले इस नौजवान की प्रेम कहानी आपकी आंखे नम कर देगी।

उस्ताद विलायत खान : जिन्होंने दो बार ठुकराया पद्म विभूषण, "आफताब-ए-सितार" के नाम से जानती है दुनिया

IANS | August 28, 2024 9:40 AM

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। शास्त्रीय संगीत की बात हो और उस्ताद विलायत खान का जिक्र न हो, ऐसा भला हो सकता है क्या? संगीत की समझ या फिर सितार पर पकड़, उनकी इस कला का हर कोई कायल था। जितना वह अपने संगीत कौशल के लिए जाने जाते थे। उतना ही अपने स्वभाव के लिए मशहूर थे। शायद ही ऐसा कोई भारतीय शास्त्रीय संगीत प्रेमी होगा, जो सितार के महानायक उस्ताद विलायत खान के बारे में नहीं जानता होगा।

बिटिया की बदलती दुनिया, माता-पिता के लिए चुनौतियां, क्या करें कि दूरियां और न बढ़ें

IANS | August 27, 2024 6:56 PM

नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। बेटियां भगवान का अनमोल उपहार होती हैं, लेकिन अक्सर माता-पिता के रूप में हम उनकी जरूरतों और भावनाओं को सही तरीके से नहीं समझ पाते। यही गलतफहमी हमारे और हमारी बेटियों के बीच दूरी बढ़ा देती है। यह जरूरी है कि हम अपनी बेटियों के साथ एक मजबूत और समझदारी भरा रिश्ता बनाएं, जो न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ाए बल्कि उन्हें जीवन के हर कदम पर हमारे साथ खड़ा महसूस कराए।

भारत के लिए 27 अगस्त का दिन खास, दो महिलाओं ने कामयाबी के फलक पर लिख डाला था अपना नाम

IANS | August 27, 2024 9:44 AM

नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। ये दिन खास है। दशकों का फासला लेकिन अद्भुत संयोग कि दो महिलाओं ने कामयाबी की कहानी लिख डाली। एक हैं गर्टुड एलिस राम और दूसरी देश की पहली मरीन इंजीनियर सोनाली बनर्जी।

'एक फोटो का तलबगार हूं मैं, कुछ और मांगूं तो गुनहगार हूं मैं' इंदिरा गांधी को यह शब्द कहकर वापस आने पर मजबूर कर दिया था इस शख्स ने

IANS | August 26, 2024 8:51 AM

नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। आज का जमाना अलग है अब सड़कों पर फर्राटा भरती कारों और बाइकों की लंबी तादाद आपको दिख जाएगी। लेकिन, एक समय ऐसा भी था कि घर में साइकिल होना भी शान की बात मानी जाती थी। घर में रेडियो, साइकिल हाथों में घड़ी यह सब कुछ तब स्टेटस सिंबल माना जाता था। कितना कुछ अलग था तब और अब। ऐसे में भारत में साइकिल को आम लोगों के घर तक पहुंचाने में अगर किसी ने अहम भूमिका निभाई तो वह थे ओम प्रकाश मुंजाल उर्फ ओपी मुंजाल जिनको 'भारत के साइकिल मैन'के नाम से जाना जाता है।