गंगा जल की हर बूंद में छिपी है शांति, सफलता और सौभाग्य का भी उपाय
नई दिल्ली, 20 नवंबर (आईएएनएस)। सनातन धर्म में गंगा को मां का दर्जा दिया गया है। माना जाता है कि गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि करुणा और पवित्रता की प्रतीक है। पुराणों में वर्णन है कि गंगा ऋषि-मुनियों की तपस्या से पृथ्वी पर अवतरित हुईं और मनुष्यों के पाप और दुख हरने लगीं। यही कारण है कि हरिद्वार सहित कई स्थानों पर अस्थि-विसर्जन किया जाता है, ताकि आत्मा को शांति मिल सके।