सर्दियों में बेहद लाभकारी सूर्यभेदन प्राणायाम, सिरदर्द में भी प्रभावी

IANS | December 9, 2025 6:18 PM

नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। सर्दी के मौसम में हाथ-पैर ठंडे पड़ना, बार-बार जुकाम, सिरदर्द और जोड़ों में दर्द आम शिकायतें हैं। योगासन और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल कर इन समस्याओं से निजात पाई जा सकती है। सर्दियों में सूर्यभेदन प्राणायाम का अभ्यास बेहद लाभकारी है।

मतलब परस्त नेताओं का बांग्लादेश की सत्ता पर कब्जा, कोर्ट के जरिए प्रतिद्वंदियों को हटाया: शेख हसीना (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

IANS | December 9, 2025 4:31 PM

नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि एक छोटे मतलबपरस्त समूह ने सत्ता की डोर अपने हाथ में खींच रखी है। ये वही हैं जो अदालत के जरिए अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को हटाने का कुचक्र रच रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों का भी आभार जताया जिन्होंने संकट की घड़ी में उनका पूरा साथ निभाया।

हस्तशिल्प न केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं, बल्कि आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी हैं : राष्ट्रपति मुर्मू

IANS | December 9, 2025 3:48 PM

नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को नई दिल्ली में वर्ष 2023 और 2024 के लिए राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि कला हमारे अतीत की स्मृतियों, वर्तमान के अनुभवों और भविष्य की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करती है। प्राचीन काल से ही मनुष्य चित्रकला या मूर्तिकला के माध्यम से अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करता रहा है। कला लोगों को संस्कृति से जोड़ती है। कला लोगों को एक-दूसरे से भी जोड़ती है।

ट्यूलिप सिद्दीक की गैरमौजूदगी में चला मुकदमा सियासत और कुछ नहीं: शेख हसीना (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

IANS | December 9, 2025 2:48 PM

नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। शेख हसीना का मानना है कि यूके सांसद और उनकी बहन की बेटी ट्यूलिप सिद्दीक के खिलाफ चला ट्रायल सियासत के अलावा और कुछ नहीं है। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री के मुताबिक ये न्यायपालिका की निष्पक्षता को कठघरे में खड़ा करता है।

नींद न आने से हैं परेशान तो घर पर ये तरीके आजमाने से होगी शिकायत दूर

IANS | December 9, 2025 10:41 AM

नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। दिनभर थकान के बाद भी रात को नींद न आना, बार-बार नींद टूटना और सुबह उठते ही चिड़चिड़ापन, ये लक्षण निद्रा विकार के हैं। आयुर्वेद इनसे निजात पाने के लिए कुछ आसान उपाय सुझाता है।

रात में पेट फूलना और अपच से परेशान? आयुर्वेद के आसान उपाय से मिलेगी राहत

IANS | December 9, 2025 9:13 AM

नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान कई समस्याओं को दावत देने जैसा है। ऐसे में कई लोगों में देर रात पेट में भारीपन, अपच, बार-बार डकार आना, छाती में जलन की समस्याएं देखने को मिल रही है। इसका समाधान आयुर्वेद के पास है।

खानपान नहीं कफ से भी मोटापा का संबंध, जानें क्या कहता है आयुर्वेद

IANS | December 8, 2025 10:25 PM

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (आईएएनएस)। आज के समय में बढ़ता वजन या मोटापा एक बड़ी समस्या बन चुकी है। अक्सर इसका दोष खान-पान पर मढ़ा जाता है। मगर कम ही लोग जानते हैं कि यह शरीर में बढ़ते ‘कफ दोष’ का भी नतीजा हो सकता है।

तुलसी माला : तन और मन दोनों रखे शुद्ध, जानें पहनने के नियम और चमत्कारिक लाभ

IANS | December 8, 2025 9:19 PM

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में तुलसी को बेहद पवित्र माना गया है। घर में तुलसी का पौधा हो या गले में तुलसी की माला, दोनों ही शुभता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान विष्णु ने शालिग्राम का रूप इसलिए धारण किया था ताकि वे तुलसी के चरणों के पास रह सकें। यही कारण है कि तुलसी को रमाप्रिया कहा जाता है और वह खुद को भगवान की सेविका मानती हैं।

पहली बार उभरी 'गतिशील छवि', फोटोग्राफिक रिवॉल्वर ने किया कमाल

IANS | December 8, 2025 8:56 PM

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (आईएएनएस)। विज्ञान और सिनेमा -दो अलग दुनिया को एक ही धागे में जोड़ने की कहानी 9 दिसंबर 1874 को लिखी गई। ये किस्सा बेहद दिलचस्प है। यह वह दिन था जब दुनिया पहली बार “गतिशील छवि” (मूविंग इमेज) जैसी किसी चीज को दर्ज करने की दिशा में कदम बढ़ा रही थी, और किसी को भी अंदाजा नहीं था कि यह प्रयास आगे चलकर फिल्मों, कैमरा तकनीक और मनोरंजन की पूरी दुनिया का आधार बन जाएगा।

1824 का अयाकूचो: एक जंग जिसने साम्राज्य गिराया और राष्ट्र गढ़े

IANS | December 8, 2025 8:37 PM

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (आईएएनएस)। अयाकूचो का युद्ध दक्षिण अमेरिका के स्वतंत्रता संग्राम का वह मोड़ था, जहां उपनिवेशवादी स्पेनिश शासन की आख़िरी पकड़ भी ढहने लगी। 9 दिसंबर 1824 को पेरू के अंडियन मैदानों में लड़ी गई यह लड़ाई केवल दो सेनाओं की भिड़ंत नहीं थी, बल्कि लंबे संघर्ष, असंतोष और स्वतंत्रता की आकांक्षाओं का वह संगम थी जिसने पूरे महाद्वीप के राजनीतिक नक्शे को बदल दिया।