केवल खूबसूरत नहीं स्वास्थ्य के लिए भी उत्तम 'मौलश्री', दांत से लेकर पेट की बीमारी का है परम शत्रु
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। ‘सकुच सलज खिलती शेफाली, अलस मौलश्री डाली-डाली... कवियित्री महादेवी वर्मा की कविता की ये पंक्तियां छोटे-छोटे सफेद फूलों वाले मौलश्री के पौधे की खूबसूरती को बयां करती हैं। इसके चमकीले हरे पत्ते और खुशबू देते फूल मन को मोह लेते हैं। मौलश्री का पौधा दिखने में जितना 'हसीन' है, उतना ही कुछ बीमारियों का परम दुश्मन भी! आयुर्वेद इसे सर्वगुण संपन्न औषधि बताता है।