रोगमुक्त होने के लिए फॉलो करें आयुर्वेदिक की ये दिनचर्या
नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। मानव शरीर एक ऐसी मशीन की तरह काम करता है, जिसमें सर्विस से लेकर सुचारू रूप से चलने के लिए सही क्वालिटी के ईंधन की जरूरत होती है।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। मानव शरीर एक ऐसी मशीन की तरह काम करता है, जिसमें सर्विस से लेकर सुचारू रूप से चलने के लिए सही क्वालिटी के ईंधन की जरूरत होती है।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। साइटिका एक आम लेकिन तकलीफदेह समस्या है जो पीठ के निचले हिस्से से शुरू होकर कूल्हे, जांघ और पैर तक तेज दर्द पहुंचाती है। यह शरीर की सबसे बड़ी नर्व यानी साइटिक नर्व के दबने या उसमें सूजन आने के कारण होती है। राहत की बात यह है कि योगासन से इस समस्या को मात दी जा सकती है।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। मौसम के बदलते ही शरीर पर सबसे पहले अटैक मौसमी बीमारियों का होता है। ऐसे में तेल स्नान बेहद कारगर होता है। सिद्ध प्रणाली की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में तेल स्नान को एक महत्वपूर्ण और प्रभावी अभ्यास के रूप में मान्यता प्राप्त है।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। विघ्न विनाशन भगवान गणेश की पूजा में कोमल हरी दूर्वा (दूब घास) अर्पित किए बिना अधूरी समझी जाती है। यह सामान्य सी दिखने वाली घास औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है। दूर्वा में कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, फाइबर, प्रोटीन और पोटैशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्व भरपूर होते हैं, जो विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से राहत प्रदान करने में सहायक हैं।
रामबन, 1 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग ने 'एनीमिया मुक्त भारत' कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें प्रशिक्षित चिकित्सकों, आशा कार्यकर्ताओं और विभाग की अन्य महिला कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। साल 2026 तक चिकित्सा विज्ञान ऐसे दौर में प्रवेश कर चुका है जहां इलाज केवल प्रयोगशालाओं की चाहरदीवारी में सीमित नहीं रहा, बल्कि जीन, डेटा और तकनीक के मेल से नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में महामारी, कैंसर और पुरानी बीमारियों ने जिस तरह वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों की परीक्षा ली, उसके बाद दुनिया के कई देशों ने मेडिकल रिसर्च को रणनीतिक प्राथमिकता बना दिया। इसका असर 2026 में भी यकीनन दिखेगा।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। सर्दियों का मौसम त्वचा के लिए एक चुनौती बन जाता है। ठंडी हवा और कम नमी के कारण हमारी त्वचा रूखी और बेजान महसूस होने लगती है। यह समस्या त्वचा पर डेड सेल्स जमा होने के कारण होती हैं। सर्दियों में ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है और त्वचा को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। ऐसे में बॉडी एक्सफोलिएशन यानी त्वचा की सफाई करना बेहद जरूरी हो जाता है।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। साल 2026 के आगमन के साथ नए साल की शुरुआत हो चुकी है। इस अवसर पर खुद को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने का संकल्प लेना सबसे अच्छा रेजोल्यूशन हो सकता है। कुछ सरल नियमों को अपनी जीवनशैली में अपनाकर हम शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। ये नियम आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित हैं, जो बीमारियों और संक्रमणों से बचाव में मदद करते हैं।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। जोड़ों का दर्द आज के समय में बहुत आम समस्या बन गया है। बढ़ती उम्र, गलत जीवनशैली, तनाव और पोषण की कमी से यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। अक्सर लोग दर्द से राहत पाने के लिए दवाओं पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन प्रकृति ने हमें कई ऐसी चीजें दी हैं, जो बिना साइड इफेक्ट के मदद कर सकती हैं। ऐसे ही प्राकृतिक उपायों में से एक है गुंटूर मिर्च।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। धूल-मिट्टी, प्रदूषण, गलत खान-पान और तनाव का असर सबसे पहले चेहरे पर दिखाई देता है। ऐसे में लोग महंगे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, जिनके साइड इफेक्ट्स का खतरा बना रहता है। अगर घर में मौजूद प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया जाए, तो यह त्वचा पर ज्यादा असरदार साबित होती हैं। इन्हीं प्राकृतिक उपायों में कच्चा दूध सदियों से इस्तेमाल होता आ रहा है।