जब लखनऊ मुशायरा बना अनवर जलालपुरी के करियर का टर्निंग पॉइंट, यहीं से मिली राष्ट्रीय पहचान
मुंबई, 5 जुलाई (आईएएनएस)। कभी-कभी एक छोटा सा मौका किसी इंसान की पूरी जिंदगी बदल देता है। ऐसा ही कुछ हुआ उर्दू शायर अनवर जलालपुरी के साथ। साल 1976 में लखनऊ में एक बड़ा मुशायरा हुआ, जिसने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। इसी मंच ने उन्हें पहली बार बड़े स्तर पर पहचान दिलाई। इस कार्यक्रम में उस समय के राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद भी मौजूद थे। इसी मंच से अनवर जलालपुरी की शायरी को देशभर में पहचान मिलने की शुरुआत हुई।