जाकिर हुसैन: पद्मश्री से ग्रैमी विजेता तक, फ्यूजन म्यूजिक के पितामह ने सबको किया मोहित

IANS | December 14, 2025 10:37 PM

नई दिल्ली, 14 दिसंबर (आईएएनएस)। सबसे कम उम्र में 'पद्मश्री' और रविशंकर से 'उस्ताद' की उपाधि पाने वाले महान तबला वादक जाकिर हुसैन भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन तबले पर उनकी कमाल की धुन आज भी लोगों के बीच जिंदा है। संगीत के अलावा अभिनय की दुनिया में भी उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

गॉन विद द विंड: प्रीमियर ने रचा था इतिहास, इसी फिल्म के लिए पहली बार अफ्रीकी-अमेरिकी अभिनेत्री को मिला ऑस्कर अवॉर्ड

IANS | December 14, 2025 8:09 PM

नई दिल्ली, 14 दिसंबर (आईएएनएस)। 15 दिसंबर 1939 को अमेरिका के अटलांटा शहर में हॉलीवुड फिल्म "गॉन विद द विंड" का प्रीमियर उस दौर की बड़ी घटना थी। वो सिनेमा इतिहास का एक निर्णायक क्षण साबित हुआ। 'मार्गरेट मिशेल' के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित इस फिल्म का निर्देशन विक्टर फ्लेमिंग ने किया था और इसे उस दौर की सबसे महंगी तथा भव्य प्रस्तुतियों में गिना गया।

भारत की 'धुरंधर' का पाकिस्तान में खौफ, 'मेरा ल्यारी' से डर छुपाने की कोशिश

IANS | December 14, 2025 6:16 PM

नई दिल्ली, 14 दिसंबर (आईएएनएस)। भारत में हाल ही में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' ने धमाल मचा रखा है। फिल्म के रिलीज होते के साथ सोशल मीडिया पर इसके चर्चे शुरू हो गए और दर्शक इसे काफी पसंद कर रहे हैं। दूसरी तरफ, पाकिस्तान में इस फिल्म को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। खासकर फिल्म में ल्यारी इलाके और पुलिस ऑफिसर चौधरी असलम की छवि को जिस तरह से दिखाया गया है, उससे पाकिस्तान को मिर्ची लगी है।

'धुरंधर' को लेकर विवाद क्यों?, विवेक रंजन बोले- 'नैरेटिव कंट्रोल खिसकने का डर, ये आफ्टरशॉक है'

IANS | December 14, 2025 4:42 PM

नई दिल्ली, 14 दिसंबर (आईएएनएस)। आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म 'धुरंधर' बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। स्पाई थ्रिलर 250 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। कुछ क्रिटिक्स ने इसे 'प्रोपेगेंडा', 'नेशनलिज्म' और 'एंटी-पाकिस्तान नैरेटिव' करार दिया। इसी बीच फिल्म निर्माता-निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने इस विवाद को पुराने पैटर्न से जोड़ते हुए अपने विचार व्यक्त किए।

किंग ऑफ रोमांस: पिता की मर्जी के खिलाफ बने एक्टर, एक सलाह ने बर्बाद कर दिया था सुपरस्टार का करियर

IANS | December 13, 2025 10:56 PM

नई दिल्ली, 13 दिसंबर (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा के सदाबहार रोमांटिक हीरो और 'किंग ऑफ रोमांस' के नाम से मशहूर अभिनेता विश्वजीत चटर्जी का 14 दिसंबर को जन्मदिन है। थिएटर से करियर की शुरुआत करने वाले विश्वजीत अपने दौर के मोस्ट हैंडसम हीरो में से एक थे।

‘भय: द गौरव तिवारी मिस्ट्री’ रिव्यू: सराहनीय अभिनय के साथ एक डरावनी पैरानॉर्मल कहानी

IANS | December 13, 2025 7:39 PM

मुंबई, 13 दिसंबर (आईएएनएस)। कलाकार: करण टैकर, कल्कि कोचलिन, सलोनी बत्रा, डेनिश सूद, शुभम चौधरी, निमिषा नायर; निर्देशक: रॉबी ग्रेवाल; जॉनर: हॉरर, मिस्ट्री थ्रिलर, सच्ची घटनाओं से प्रेरित; प्रोडक्शन हाउस: ऑलमाइटी मोशन पिक्चर (प्रभलीन संधू); प्लेटफॉर्म: अमेज़न एमएक्स प्लेयर; रिलीज़ डेट: 12 दिसंबर; रेटिंग: 4 स्टार

विकसित भारत का सपना समय से पहले होगा साकार: नील नितिन मुकेश

IANS | December 13, 2025 7:34 PM

अहमदाबाद, 13 दिसंबर (आईएएनएस)। अभिनेता नील नितिन मुकेश ने हाल ही में गुजरात में हुए शिल्प फाउंडेशन में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और देश की युवा पीढ़ी पर गहरा विश्वास जताया है।

पीटर ओ’टूल: ऑस्कर का सबसे बड़ा रिकॉर्ड इनके नाम, 8 बार नामांकित लेकिन कभी नहीं जीता

IANS | December 13, 2025 7:19 PM

नई दिल्ली, 13 दिसंबर (आईएएनएस)। दुनिया ने पीटर ओ’टूल को 14 दिसंबर 2013 को खो दिया। हॉलीवुड का वो अभिनेता जिसने अभिनय को सिर्फ निभाया नहीं, बल्कि उसे सांस की तरह जिया। लॉरेंस ऑफ अरेबिया जैसी महान फिल्मों से दुनिया भर में पहचाने जाने वाले ओ’टूल का जीवन उतना ही नाटकीय था जितना उनके किरदार।

राधिका आप्टे के 'हिंसा' बयान पर भड़के अशोक पंडित, लगाया पक्षपात का आरोप

IANS | December 13, 2025 6:24 PM

मुंबई, 13 दिसंबर (आईएएनएस)। 'धुरंधर' फिल्म की रिलीज के बीच आई अभिनेत्री राधिका आप्टे के 'मनोरंजन में हिंसा' बयान को लेकर मामला गरमाता जा रहा है। फिल्म निर्माता-निर्देशक अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर तीखी प्रतिक्रिया दी।

12 वर्ष की उम्र, पिता का 16 मिमी कैमरा, जब श्याम बेनेगल ने छोटी-सी उम्र में पर्दे पर फिल्माई थी कहानी

IANS | December 13, 2025 5:13 PM

नई दिल्ली, 13 दिसंबर (आईएएनएस)। श्याम बेनेगल के बिना शायद भारतीय फिल्मों के इतिहास की बात अधूरी होगी। करीबी उन्हें श्याम बाबू बुलाया करते थे। एक ऐसे फिल्ममेकर जिन्होंने परंपराओं को चुनौती दी, चाहे वह अंकुर में जातिगत समीकरणों की बात हो, मंथन में डेयरी कोऑपरेटिव आंदोलन की, या भूमिका में महिलाओं की भावनात्मक जटिलताओं की, बेनेगल की फिल्में बिना किसी लाग-लपेट के सच्ची और प्रासंगिक रहीं। श्याम बेनेगल ने अपनी फिल्मों से भारतीय सिनेमा को एक नई दिशा दी, उसे सामाजिक चेतना से जोड़ा और कई प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया।