'करुणा के ईश्वर' के रूप में यहां विराजते हैं महादेव, संतान प्राप्ति के लिए लोग करते हैं इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन
नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। बारह ज्योतिर्लिंगों में अंतिम ज्योतिर्लिंग घृष्णेश्वर महादेव महाराष्ट्र के संभाजीनगर में विराजते हैं। यह प्राचीन मंदिरों में से एक है। घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर भगवान शंकर को समर्पित है। भगवान शिव के करुणामय स्वरूप का प्रतीक यह मंदिर, जहां शिव को 'घृष्णेश्वर' या 'करुणा के ईश्वर' के नाम से जाना जाता है। ऐसे में मान्यता है कि इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन से संतान प्राप्ति के योग बनते हैं और इसके स्मरण मात्र से सभी रोगों से मुक्ति मिलती है। यह मंदिर एलोरा की विश्वप्रसिद्ध गुफाओं के पास स्थित है।