काशी का लोलार्क कुंड, जहां नि:संतान दंपतियों की भरती है गोद, चर्म रोग से मिलती है मुक्ति
वाराणसी, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। “काश्यां हि काशते काशी सर्वप्रकाशिका…” शिवनगरी कहें या धर्म नगरी, काशी अपनी अल्हड़ता और खूबसूरती से लोगों को मोहित करती आई है। ऐसा ही हैरत में डालने वाला और मोहित करने वाला एक चमत्कारी कुंड है... लोलार्क कुंड। इस कुंड की महिमा अपरंपार है, जहां संतान के लिए तरस रही सूनी गोद तो भरती ही है, साथ ही चर्म रोग से मुक्ति भी मिलती है।