मकर संक्रांति पर इस मंदिर में लगता है लाखों श्रद्धालुओं का तांता, पड़ती है सूर्य की पहली किरण
नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की धरती पर कई ऐतिहासिक और पौराणिक मंदिर हैं, जहां भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की धरती पर कई ऐतिहासिक और पौराणिक मंदिर हैं, जहां भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। सोमनाथ मंदिर सिर्फ पत्थरों से बना कोई ढांचा या केवल पूजा की जगह नहीं है। यह भारत की उस सभ्यता की आत्मा का प्रतीक है, जो हजारों साल पुरानी है, जिस पर बार-बार हमले हुए, लेकिन जिसे कभी पूरी तरह तोड़ा नहीं जा सका। सोमनाथ की कहानी दरअसल आस्था, स्मृति और समय के साथ एक सभ्यता के रिश्ते की कहानी है। इसे बार-बार नष्ट करने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार यह पहले से ज्यादा मजबूती के साथ खड़ा हुआ।
प्रयागराज, 5 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के तीसरे दिन सोमवार सुबह से ही संगम घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा। देश भर से आए श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
उज्जैन, 5 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में माघ मास कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर सोमवार सुबह भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं का बड़ी संख्या में आगमन हुआ। देर रात से लाइन लगाए भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। ब्रह्म मुहूर्त में बाबा का भांग और भस्म से विशेष शृंगार किया गया।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। सनातन धर्म में माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सकट चौथ या संकष्टी चतुर्थी का पर्व श्रद्धा-भक्ति से मनाया जाता है। यह व्रत विघ्नहर्ता और सुख-समृद्धि के दाता गौरी-पुत्र भगवान गणेश को समर्पित है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणेश जी की पूजा और उपवास करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में सोमनाथ मंदिर के विध्वंस और पुनरुत्थान की अद्भुत कहानी को स्मरण किया है, जो भारत की सभ्यतागत चेतना को परिभाषित करती है। वर्ष 1026 ईस्वी में, आज से ठीक एक हजार साल पहले, सोमनाथ का पहला विध्वंस हुआ था। लेकिन सहस्र वर्षों बाद आज भी सोमनाथ मंदिर अभूतपूर्व गौरव के साथ खड़ा है और यह सन्देश देता है कि आस्था को न तो मिटाया जा सकता है और न ही झुकाया जा सकता है।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनमोहन वैद्य ने 'शब्दोत्सव 2026' कार्यक्रम में शामिल होते हुए डीकॉलोनाइजेशन पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में चल रहे तीन दिवसीय शब्दोत्सव 2026 में रविवार को आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षक अनमोल नारंग शामिल हुए। उन्होंने श्रीश्री रविशंकर की किताब 'एन इंटीमेट नोट टू दी सिंसियर सीकर' पर चर्चा की। उन्होंने शब्दों की शक्ति, राष्ट्र निर्माण में जेनजी के महत्व के साथ ही वैश्विक अशांति पर अपने विचार साझा किए।
नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। राजधानी दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में आयोजित 'दिल्ली शब्दोत्सव 2026' कार्यक्रम के दूसरे दिन 'हिंदू इतिहास' के विषय पर चर्चा की गई है। कई लेखकों और इतिहासकारों ने भारतीय साहित्य और संस्कृति को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान लेखिका अमी गणत्रा ने कहा कि समाज को रामराज्य की ओर लेकर जाना है तो श्रीराम जैसा बनना पड़ेगा।
प्रयागराज, 3 जनवरी (आईएएनएस)। पौष पूर्णिमा और माघ मेला के पहले दिन प्रयागराज में भक्त आस्था की डुबकी लगा रहे हैं और लाखों की संख्या में अपने पितरों का पूजन करने के लिए पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए पहुंचे हैं।