दुर्गा खोटे: हिंदी सिनेमा की पहली फ्रीलांस एक्ट्रेस, स्टूडियो की बंदिशें तोड़कर बनाई अलग राह
मुंबई, 13 जनवरी (आईएएनएस)। हिंदी और मराठी सिनेमा के शुरुआती दौर में महिलाओं के लिए फिल्मों में काम करना आसान नहीं था। उस समय ज्यादातर कलाकार किसी एक स्टूडियो या प्रोडक्शन हाउस के साथ लंबे कॉन्ट्रैक्ट में बंधे रहते थे। ऐसे में किसी भी कलाकार के लिए स्वतंत्र रूप से कई कंपनियों के लिए काम करना मुश्किल और जोखिम भरा माना जाता था।