'के' ने बदल दी जिसकी किस्मत, सिनेमा के पर्दे की तरह कहानियों से भरी है इस एक्टर-डायरेक्टर की शख्सियत

IANS | September 6, 2024 8:04 AM

नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। बॉलीवुड में अभिनेता के तौर पर किसी को पहचान मिल जाए और वह अपने पैर जमीन पर रखे। ऐसा कम ही देखने को मिलता है। आज हम जिस अभिनेता और निर्देशक की बात कर रहे हैं उन्होंने सफलता को अपने सिर पर कभी हावी नहीं होने दिया। जीवटता इतनी की कैंसर को भी मात दे दी और आज भी वह एक युवा से ज्यादा जवान और जिंदादिल हैं। हम बात कर रहे हैं 1970 में फिल्म 'घर-घर की कहानी' से बॉलीवुड में एंट्री मारने वाले अभिनेता राकेश रोशन की।

'जिंदगी... कैसी है पहेली हाय', शायद सलील नहीं होते तो इस गुत्थी को कोई सुलझा नहीं पाता

IANS | September 5, 2024 11:19 AM

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। पूरब और पश्चिम के संगीत का मिश्रण किसी की बनाई धुन में आपको सुनने को मिले तो आपको स्वतः ही लग जाएगा कि दुनिया एकदम से एक जगह इकट्ठी सी हो गई है। कुछ ऐसा ही हिंदी सिनेमा के गानों में संगीत के साथ प्रयोग किया सलील चौधरी ने, जिस पूरा बॉलीवुड 'सलील दा' के नाम से हीं पुकारता रहा।

दो बार कैंसर को मात देने के बाद भी जिस संगीतकार का संगीत तो अमर हो गया लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गए

IANS | September 4, 2024 8:25 AM

नई दिल्ली, 4 सितंबर (आईएएनएस)। जबलपुर से मायानगरी तक के सफर में कदम-दर-कदम सफलता की सीढ़ियां चढ़ना और फिर गानों के जरिए लोगों के दिलों पर राज करने वाले मशहूर कंपोजर और सिंगर ने महज 51 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया।

उत्तम कुमार: बांग्ला फिल्मों का 'महानायक', जिसे कभी मिला था 'फ्लॉप मास्टर जनरल' का तमगा

IANS | September 3, 2024 4:11 PM

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। 'ओति उत्तम', हाल ही में बांग्ला फिल्म रिलीज हुई। इसका ट्रेलर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने शेयर किया लिखा उस दौर के अभिनेता को जीवंत करना 'ओति उत्तम'। बेहद खास मूवी है ये। डायरेक्टर ने गढ़ने में 6 साल लगा दिए। पर्दे पर उस एक्टर को चार दशक बाद फिर जिंदा कर दिया जिसे बांग्ला फिल्म का महानायक कहते हैं।

असली नाम 'सुनील' कपूर, कार एक्सीडेंट से चमकी किस्मत, दिलचस्प है क्राइम मास्टर गोगो की कहानी

IANS | September 3, 2024 12:29 PM

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। एक एक्टर जिसने कभी नंदू बनकर, कभी क्राइम मास्टर गोगो बन दर्शकों को खूब गुदगुदाया तो कभी खलनायक के किरदार से सबको डराया। हम बात कर रहे हैं, बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर शक्ति कूपर की। जिन्होंने फिल्मों में हर तरह के किरदार निभा अपनी अलग छाप छोड़ी। यही नहीं उनके फिल्मों में डेब्यू करने से लेकर शादी के बंधन में बंधने तक की स्टोरी बेहद दिलचस्प है।

'वायलिन' के जरिए संगीत साधना में लीन संगीतकार, जिसने अपनी जोड़ी टूटने पर फिल्मों में संगीत देने से कर दिया मना

IANS | September 3, 2024 10:04 AM

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। 'मेरे महबूब कयामत होगी', 'चाहूंगा मैं तूझे सांझ सवेरे' , 'दर्द-ए-दिल दर्द-ए-जिगर', 'एक हसीना थी एक दीवाना था' और 'ओम शांति ओम', 'जुम्मा चुम्मा दे दे', 'ये रेशमी जुल्फें', 'एक प्यार का नगमा है', 'अच्छा तो हम चलते हैं', 'माई नेम इज लखन' इन सुपरहिट गानों को सुनकर बरबस ही एक संगीतकार जोड़ी का नाम मन में उभर आता है। इस जोड़ी ने 700 से अधिक फिल्मों के सुपरहिट गानों को अपने संगीत से सजाया और आज भी इनके गाने लोगों की जुबां पर हैं।

बर्थडे स्पेशल: गुजरे जमाने की ट्रेंड सेटर अदाकारा, जिनका 'साधना' कट आज भी कइयों की पसंद

IANS | September 2, 2024 3:57 PM

नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। 'बरेली के बाजार' में गिरे झुमके पर लोग इतना नहीं झूमते अगर इसमें सामने की लटों को फूंक मारकर किनारे करती साधना न होतीं। हेयरस्टाइल जो दादी -नानी के जमाने से अब तक हिट है। यहां तक कि बॉलीवुड की हॉट अदाकारा बिपाशा बसु ने हाल ही में अपनी बेटी देवी की वीडियो क्लिप साझा कर कहा भी था 'लव द साधना कट'।

तेलुगू फिल्मों का सुपरस्टार 'पवन कल्‍याण', जानें कैसे बना आंध्र की सियासत का नया किरदार?

IANS | September 2, 2024 8:55 AM

नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। एक्टिंग की दुनिया से सियासत के रंगमंच पर दमदार मौजूदगी दर्ज कराने वाले पवन कल्याण इस साल के सबसे पॉपुलर और सुपरहिट पॉलिटिकल किरदार बनकर उभरे है। उनका सियासी कद तब और बढ़ गया, जब आंध्र प्रदेश में एनडीए की अप्रत्याशित जीत के बाद पीएम मोदी ने उन्हें "ये पवन नहीं आंधी हैं" कहा था।

'द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल': सामाजिक-राजनीतिक अशांति का मार्मिक चित्रण

IANS | September 1, 2024 4:36 PM

नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। एक फिल्म की कहानी बांग्लादेश की हिंदू महिला सुहासिनी (अर्शिन मेहता द्वारा अभिनीत) के बारे में है, जो एक नरसंहार में अपने माता-पिता की मौत के बाद भागने के लिए मजबूर है। इस्लामिक उग्रवादी उसे सुंदरबन पार करने में मदद करते हैं, लेकिन उनका एक एजेंडा है।

ऋतुपर्णो घोष दमदार शख्सियत, सिनेमा से लगाव जबरदस्त, गुलजार के होते हुए 'रेनकोट' में लिखे गीत वो भी मैथिली में

IANS | August 31, 2024 12:39 PM

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। ऋतुपर्णो घोष एक निर्देशक, कहानीकार, लेखक का नाम नहीं बल्कि एक 'जॉनर' का नाम है, इंटलैक्चुअल सिनेमा वाला! सत्यजीत रे के निधन बाद शून्यता आ गई थी। उस वैक्यूम को भरने का काम कुछ अलग सोच के मालिक ऋतुपर्णो ने किया। 'हीरेर अंगूठी' से शुरू हुआ सफर चोखेरबाली, रेनकोट से होता हुआ चित्रांगदा तक शानदार रहा। एक ऐसा रचानाकार जिसे खुद को दीदी या दादा कहलाने से फर्क नहीं पड़ा, महिलाओं की तरह बनना संवरने में शर्मिंदगी नहीं महसूस की और अपनी सेक्सुएलिटी को लेकर कुछ नहीं छिपाया। 31 अगस्त 1963 को इनका जन्म हुआ था।