मध्य प्रदेश : लाडली बहनों को 32वीं किस्त की सौगात, बैंक खातों में भेजी गई 1,836 करोड़ से अधिक राशि

लाडली बहनों को 32वीं किस्त की सौगात, सीएम ने खातों में डाली 1836 करोड़ से अधिक राशि, बहनों ने जताई खुशी

बुरहानपुर, 16 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना के तहत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नर्मदापुरम जिले से प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख लाडली बहनों के बैंक खातों में 32वीं किस्त की राशि ट्रांसफर की।

इस अवसर पर कुल 1,836 करोड़ रुपए से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पात्र महिलाओं के बैंक खातों में भेजी गई। प्रत्येक लाडली बहन के खाते में 1,500 रुपए की राशि पहुंची, जिससे महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण बुरहानपुर जिले के ऑडिटोरियम में किया गया, जहां बड़ी संख्या में लाडली बहनें उपस्थित रहीं। लाइव प्रसारण के जरिए मुख्यमंत्री के संबोधन को सुनते हुए महिलाओं में खुशी और भरोसे का माहौल नजर आया।

लाडली बहनों ने योजना को आर्थिक संबल बताते हुए कहा कि इससे उनके घर के रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने में काफी मदद मिलती है और यह योजना महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है।

बुरहानपुर की विधायक अर्चना चिटणीस ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सरकार ने लाडली बहनों के लिए 32वीं किस्त उनके बैंक खातों में डाली है। शुरुआत में इस योजना को लेकर संदेह जताया जा रहा था कि यह चलेगी या बंद हो जाएगी, लेकिन मुख्यमंत्री ने राशि को 1,250 रुपए से बढ़ाकर 1,500 रुपए कर यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार बहनों के सम्मान और सशक्तीकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस योजना की शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी और अब मुख्यमंत्री मोहन यादव इसे मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

वहीं, योजना का लाभ ले रहीं लाडली बहनों ने सरकार का आभार व्यक्त किया। पदमा वाघ ने कहा कि इस योजना से घर के छोटे-मोटे खर्च आसानी से निकल जाते हैं। यह महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी है।

माधुरी चितारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच सगे भाई से भी बढ़कर है और इस योजना से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

लाडली बहना लता ने कहा कि इस योजना से उनके घर की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। वहीं, रेखा भंडारी ने बताया कि उन्हें योजना का लाभ शुरुआत से मिल रहा है। पहले 1,000 रुपए मिलते थे, जो अब बढ़कर 1,500 रुपए हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह राशि उनके जीवन में बहुत महत्व रखती है और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

--आईएएनएस

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