'बोर्फोसगेट : ए जनर्लिस्ट परसुएट ऑफ ट्रुथ': बोफोर्स घोटाले की जांच, इसका प्रभाव और अनिर्णायक परिणाम (पुस्तक समीक्षा)

IANS | March 10, 2025 5:39 PM

नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। बोफोर्स घोटाला भारत की राजनीति में कोहराम मचा देने वाला है। इस घोटाले ने दो लोकप्रिय प्रधानमंत्रियों (एक की मरणोपरांत) की छवि को धूमिल किया। वैश्विक हथियार व्यापार की बेईमान दुनिया और राजनीति के साथ इसके गठजोड़ पर प्रकाश डाला, और बैंकिंग के स्वर्ग कहे जाने वाले स्विट्जरलैंड को अपने अभेद्य कानूनों को बदलने के लिए मजबूर किया, ताकि विदेशी सरकारों को बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के मामलों का पता लगाने में मदद मिल सके।

द अदर साइड ऑफ डिप्लोमेसी : भारतीय राजनयिकों के जीवनसाथियों का रंगीन लेकिन चुनौतीपूर्ण जीवन (पुस्तक समीक्षा)

IANS | March 6, 2025 4:00 PM

नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। यहां तक कि अपने बीच भी वे यह महसूस करते हैं कि वे सिर्फ गुलाब जामुन और किसी आधिकारिक मौके पर सैकड़ों की संख्या में समोसे बनाने के लिए ही जाने जाते हैं। लेकिन भारत के 'अनौपचारिक राजनयिक' अक्सर अपनी असली काबिलियत दिखाते हैं। जैसे 1965 के युद्ध के दौरान एक राजनयिक की गर्भवती पत्नी, जो अपने छोटे बेटे के साथ ढाका में नजरबंद थीं, पहले तो उसने गुप्त दस्तावेज जला दिए और फिर अपने पाकिस्तानी बंदीकर्ताओं को सख्ती से समझाकर कहा कि वह उनके उचित व्यवहार करें।

ज्ञान की तलाश और कला का अभ्यास एक-दूसरे से अलग नहीं : प्रीति अदाणी

IANS | November 25, 2024 10:02 PM

नई दिल्ली, 25 नवंबर (आईएएनएस)। अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष प्रीति अदाणी ने सोमवार को परफॉर्मिंग आर्ट को देश में समावेशन के लिए सबसे बेहतर माध्यम बताते हुए कहा कि कला और संस्कृति के बारे में जितना कहा जाए कम है। उन्होंने कहा कि यास्मीन सिंह इस बात का एहसास दिलाती हैं कि ज्ञान की तलाश और कला का अभ्यास एक-दूसरे से अलग नहीं है, ये एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

रायगढ़ घराने की कथक परंपरा पर यास्मीन सिंह की पुस्तकों का विमोचन

IANS | November 25, 2024 9:52 PM

नई दिल्ली, 25 नवंबर (आईएएनएस)। विस्मृति के गर्त में जा रही कथक की रायगढ़ घराना परंपरा को दोबारा पहचान दिलाने के उद्देश्य से नृत्यांगना यास्मीन सिंह की लिखी दो पुस्तकों का केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को विमोचन किया।

मुंबई नाइट्स : संजीव पालीवाल का यह उपन्यास जागती-इतराती मायानगरी के स्याह काले रंग और व्यवस्था की साजिश की पोल खोल  

गंगेश ठाकुर | October 26, 2024 6:22 PM

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। उपन्यास एक ऐसा शब्द जाल जिसके ताने-बाने को ऐसे बुना जाता है कि यह पाठक को अपने से स्वतः जोड़ ले। जिसके पन्नों पर छपे शब्द पाठक के मन के अंदर चित्रों का माध्यम तैयार करे। पाठक तब तक उसके जादू से अपने आप को वापस नहीं निकाल पाते हैं, जब तक आप उपन्यास के पन्नों के अंतिम पायदान तक ना पहुंच जाएं।  'नैना', 'पिशाच' और 'ये इश्क नहीं आसां' जैसे चर्चित उपन्यासों के बाद अब एक और उपन्यास लेकर पाठकों के बीच आए हैं लेखक-पत्रकार संजीव पालीवाल। अपने तीन पूर्व उपन्यासों के जरिए पहले से ही पाठकों के दिलों में जगह बना चुके क्राइम थ्रिलर के युवराज संजीव पालीवाल का यह उपन्यास मायानगरी की वह हकीकत बयां करती है जिससे कम ही लोग वाकिफ हैं।

'उपन्यास सम्राट', जिनकी 'सोजे वतन' से डर गए थे हुक्मरान, लिखने पर लगाई पाबंदी तो नवाबराय बन गए मुंशी प्रेमचंद

IANS | October 7, 2024 3:30 PM

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुंशी प्रेमचंद को शरतचंद्र चट्टोपाध्याय ने 'उपन्यास सम्राट' का नाम दिया। सहज हिंदी में बोझिल बातों को आसानी से कहकर आंखों से पानी की धार बहा देने का हुनर था प्रेमचंद में। जिन्होंने जो कागजों में लिखा उसे जीवन में भी उतारा। गोदान, रंगभूमि, निर्मला, गबन जैसी अनगिनत कृति रचने वाले प्रेमचंद की 8 अक्टूबर को पुण्यतिथि है।

पिता की ही तरह फंतासी दुनिया रचने में माहिर थे दुर्गा प्रसाद खत्री, बाबू देवकीनंदन की विरासत को खूबसूरती से सहेजा

IANS | October 4, 2024 11:23 AM

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। 'बापे पूत परापत घोड़ा बहुत नहीं तो थोड़ा थोड़ा'...रोहतास मठ जैसा उपन्यास रचने वाले दुर्गा प्रसाद खत्री ने इस कहावत को चरितार्थ भी किया। जिस शख्स के पिता फंतासी दुनिया की सैर कराती चंद्राकांता जैसी कृति गढ़ने वाले हों भला वो कैसे पीछे रहते। उन्होंने भी कहानियां रची, उपन्यास लिख डाले जिनमें ऐयारी, तिलिस्म, साइंस फिक्शन, देशभक्ति के कण थे। 5 अक्टूबर को इनकी पुण्यतिथि है।

साहित्य की दादी : बिना स्कूल गए लिखी 500 से ज्यादा कविताएं, प्रतिभा को गूगल ने भी किया सलाम

IANS | September 28, 2024 5:25 PM

नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। एक महिला बिना स्कूली शिक्षा के उत्कृष्ट साहित्यकार बन जाती हैं। उनकी प्रतिभा देश-विदेश के दायरे से इतर हर तरफ फैल जाती है। यहां तक कि दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट सर्च इंजन गूगल उनके लिए डूडल समर्पित करता है। आप हैरान नहीं हों, ये कारनामा करने वाली या यूं कहें, ऐसी शख्सियत सिर्फ बालमणि अम्मा ही हो सकती हैं।

भारतीय समाज में स्त्री विमर्श की आधार, जिनकी आत्मकथा ने 'सोच' पर उठाए सवाल

IANS | September 19, 2024 8:30 AM

नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय समाज में स्त्रियों को लेकर कई विरोधाभास हैं। एक पुरुष लेखक के दृष्टिकोण से स्त्रियों का स्वरूप सच्चाई से कुछ-कुछ अलग है। लेकिन, स्त्रियों को एक स्त्री ही समग्रता से समझ सकती है। यही काम प्रभा खेतान ने किया। उन्होंने स्त्रियों के हर उस रूप को खुद के अनुसार समझा, जिसे पढ़कर आप भी स्त्री के जीवन और रोजाना की चुनौतियों से दो-चार हो जाएंगे।

स्मृति शेष : 'दानवीर कर्ण' से मिली ख्याति, साहित्य की दुनिया के बने 'मृत्युंजय'

IANS | September 17, 2024 2:57 PM

नई दिल्ली, 17 सितंबर (आईएएनएस)। मराठी भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार शिवाजी सावंत ने कई रचनाओं के जरिए अपनी खास पहचान बनाई। 18 सितंबर 2002 को आखिरी सांस लेने वाले शिवाजी सावंत ने अपनी लेखनी से पात्रों को ऐसा रचा कि सभी हमेशा के लिए अमर हो गए, पात्र भी और शिवाजी सावंत भी। उनका जन्म 31 अगस्त 1940 को हुआ था और पूरा नाम शिवाजी गोविंद राज सावंत था।