दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि NTA की परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह त्रुटिरहित रहे। उन्होंने कहा कि सरकार “ज़ीरो एरर” नीति के साथ काम कर रही है ताकि छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि परीक्षा रद्द होने के तुरंत बाद NTA ने तेजी से फैसला लिया। सरकार ने तय किया है कि पहले आयोजित परीक्षा की फीस छात्रों को वापस की जाएगी। साथ ही अब होने वाली परीक्षा के लिए छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, ताकि उन पर किसी तरह का आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा के दौरान OMR शीट पर शुरुआत और अंत में हस्ताक्षर जैसी औपचारिकताओं में छात्रों का समय खर्च हो रहा था, जिससे उन्हें प्रश्न हल करने के लिए कम समय मिल रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए NTA ने परीक्षा समय में 15 मिनट की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। धर्मेंद्र प्रधान ने आगे बताया कि इस बार सभी छात्रों को 14 जून तक एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे, ताकि उन्हें तैयारी और परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की दिक्कत न हो।
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