मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच देश की अर्थव्यवस्था मजबूत करना समय की जरूरत: एक्सपर्ट

मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच देश की अर्थव्यवस्था मजबूत करना समय की जरूरत: एक्सपर्ट

सीतापुर, 14 मई (आईएएनएस)। सरकार द्वारा चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर 2026 तक अस्थायी रोक लगाए जाने के फैसले का बिसवां चीनी मिल समिति के चेयरमैन सुधाकर शुक्ला ने समर्थन किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील की सराहना करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात को देखते हुए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए सुधाकर शुक्ला ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत की स्थिति अभी स्थिर और मजबूत है। उन्होंने कहा कि यदि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी तो विकास की रफ्तार भी बनी रहेगी।

शुक्ला ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से जो अपील की है, उसका उद्देश्य भारत को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चीनी निर्यात पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।

उन्होंने कहा कि सितंबर 2026 तक चीनी निर्यात पर रोक लगाने के पीछे भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना भी जुड़ी हुई है। उनका कहना था कि एथेनॉल का अधिक उत्पादन होने से पेट्रोल और डीजल की खपत कम की जा सकेगी, जिससे देश ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

बिसवां चीनी मिल समिति के चेयरमैन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिकों को पेट्रोल और डीजल की बचत में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां जरूरी न हो वहां वाहनों का कम इस्तेमाल करें और ईंधन की खपत को सीमित रखें।

उन्होंने प्रधानमंत्री की उस अपील का भी समर्थन किया, जिसमें लोगों से फिलहाल सोना खरीदने से बचने की सलाह दी गई है। सुधाकर शुक्ला ने कहा कि अगर देशवासी इन बातों का पालन करेंगे तो इससे भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आम लोगों का भी भविष्य सुरक्षित होगा।

शुक्ला ने कहा कि वैश्विक तनावों के बावजूद देश में फिलहाल किसी प्रकार का संकट नहीं है और हालात सामान्य बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहे और आने वाले समय में भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ सके।

--आईएएनएस

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