केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मत्स्य निर्यात को बढ़ावा देने के उपायों पर की चर्चा

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मत्स्य निर्यात को बढ़ावा देने के उपायों पर की चर्चा

नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से मुलाकात की और देश के मत्स्य निर्यात को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की।

दोनों मंत्रियों ने देश के मछुआरों की आय बढ़ाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया। गोयल ने मत्स्य मंत्री के साथ सह-अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी दी।

गोयल ने कहा, "हमने इस क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देने और नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए अपनी निरंतर प्रतिबद्धता भी दोहराई।"

इससे पहले रंजन सिंह ने कहा था कि भारत के समुद्री खाद्य निर्यात में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण अमेरिका के अलावा अन्य बाजारों में बेहतर प्रदर्शन रहा है। उन्होंने बाजार और उत्पादों में विविधता बढ़ाने के साथ-साथ कड़े नियामकीय अनुपालन की आवश्यकता पर जोर दिया। इसमें एंटीबायोटिक प्रतिबंधों का पालन और ट्रेसबिलिटी सिस्टम को मजबूत करना भी शामिल है।

हाल ही में जारी समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का समुद्री खाद्य निर्यात रिकॉर्ड 72,325.82 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इस दौरान निर्यात की मात्रा 19.32 लाख मीट्रिक टन रही।

फ्रोजन झींगा इस वृद्धि का सबसे बड़ा आधार बना रहा। इससे 47,973.13 करोड़ रुपए की कमाई हुई, जो कुल निर्यात आय का दो-तिहाई से अधिक है।

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, झींगा निर्यात की मात्रा में 4.6 प्रतिशत और मूल्य में 6.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे समुद्री उत्पाद निर्यात में इसकी मजबूत हिस्सेदारी बनी रही।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अमेरिका भारत के समुद्री उत्पादों का सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना रहा, जहां कुल आयात 2.32 अरब डॉलर रहा। हालांकि, अमेरिका को होने वाले निर्यात में मात्रा के लिहाज से 19.8 प्रतिशत और मूल्य के लिहाज से 14.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण पारस्परिक शुल्कों का प्रभाव बताया गया।

हालांकि, चीन, यूरोपीय संघ और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों जैसे वैकल्पिक बाजारों में मजबूत वृद्धि से इस गिरावट की भरपाई हुई।

भारत के दूसरे सबसे बड़े निर्यात गंतव्य चीन को निर्यात मूल्य में 22.7 प्रतिशत और मात्रा में 20.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

--आईएएनएस

डीबीपी