मध्य प्रदेश: ‘शक्ति दीदी’ पहल बनी महिलाओं की ताकत, पेट्रोल पंपों को संभाल रहीं 118 महिलाएं

मध्य प्रदेश: ‘शक्ति दीदी’ पहल बनी महिलाओं की ताकत, पेट्रोल पंपों को संभाल रहीं 118 महिलाएं

ग्वालियर, 28 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में शुरू की गई 'शक्ति दीदी' पहल लगातार सफल होती जा रही है। इस योजना के तहत कलेक्टर रुचिका चौहान ने छह और जरूरतमंद महिलाओं को पेट्रोल पंपों पर ‘फ्यूल वर्कर’ के रूप में नियुक्त किया है।

इसके साथ ही इस पहल से जुड़ने वाली महिलाओं की संख्या बढ़कर 118 हो गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को रोजगार, सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।

इस पहल से जुड़ी एक महिला कर्मचारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान भावुक होकर कहा कि महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए वह प्रशासन की बेहद आभारी हैं। उन्होंने बताया कि नौकरी पाने के लिए उन्हें कई बार प्रयास करना पड़ा, लेकिन कहीं सफलता नहीं मिली थी। 'शक्ति दीदी' पहल के तहत नौकरी मिलने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है।

उन्होंने कहा कि अब वह घर की जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से निभाने के साथ-साथ अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा भी सुनिश्चित कर पा रही हैं। महिला ने बताया कि उनके पति सिक्योरिटी गार्ड हैं और अब पेट्रोल पंप पर ‘फ्यूल वर्कर’ के तौर पर उनकी नियुक्ति होने से परिवार को आर्थिक मजबूती मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल पंप पर काम करने वाले अन्य कर्मचारियों का व्यवहार बेहद अच्छा और सहयोगपूर्ण है।

ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि “शक्ति दीदी” पहल की शुरुआत 2 जनवरी 2025 को केवल पांच महिलाओं के साथ की गई थी। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि आज 57 पेट्रोल पंपों पर 118 महिलाएं “शक्ति दीदी” के रूप में कार्य कर रही हैं। शुरुआत में पेट्रोल पंप मालिकों के मन में यह संकोच था कि महिलाएं इस तरह के कार्य को किस प्रकार संभाल पाएंगी, लेकिन अब सभी महिलाएं बेहद जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ अपना काम कर रही हैं।

कलेक्टर ने बताया कि पेट्रोल पंप संचालकों और वेंडरों से लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उनके अनुसार महिलाओं के आने से पेट्रोल पंपों पर अनुशासन और कार्य संस्कृति में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी पेट्रोल पंपों का स्थानीय थानों के साथ समन्वय कराया गया है और इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने आगे बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से उन महिलाओं की पहचान की गई, जो परित्यक्ता हैं, घरेलू समस्याओं से जूझ रही हैं या आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में जीवन यापन कर रही हैं। ऐसी महिलाओं को इस योजना से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया गया।

रुचिका चौहान ने कहा कि इस कार्य से महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान और आत्मविश्वास भी प्राप्त हो रहा है। सभी महिलाओं को अच्छा वेतन और साप्ताहिक अवकाश जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे उनके और उनके परिवारों के लिए एक मजबूत सहयोग प्रणाली तैयार हो रही है। उन्होंने कहा कि 'शक्ति दीदी' पहल से जुड़ी महिलाएं आज पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ कार्य कर रही हैं और समाज में नई मिसाल पेश कर रही हैं।

--आईएएनएस

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