लंबे करियर में प्रासंगिक बने रहना ही सफलता की असली कुंजी- रणविजय सिंह

लंबे करियर में प्रासंगिक बने रहना ही सफलता की असली कुंजी- रणविजय सिंह

मुंबई, 7 फरवरी (आईएएनएस)। बदलते समय के साथ दर्शकों की पसंद बदलती रहती है, ऐसे में मनोरंजन इंडस्ट्री में बने रहना किसी भी अभिनेता के लिए आसान काम नहीं है। इस अहम मुद्दे को लेकर बॉलीवुड और टीवी के जाने-माने अभिनेता रणविजय सिंह ने आईएएनएस से बातचीत की और बताया कि कैसे उन्होंने खुद को पिछले 20 सालों में बदलते समय के अनुसार ढाला और हर दौर में दर्शकों के बीच प्रासंगिक बने रहे।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए रणविजय ने कहा, ''आज के समय में केवल एक यादगार प्रदर्शन या हिट फिल्म ही काफी नहीं रहती। दर्शक और इंडस्ट्री बदल रही है। अब लोग एल्गोरिदम और वायरल कंटेंट को ज्यादा महत्व देते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यादगार काम की कोई अहमियत नहीं है। प्रासंगिक बने रहना सबसे जरूरी है। आप लगातार दर्शकों के सामने अपने काम के नए रूप दिखाते रहें और अपने प्रदर्शन को समय के अनुसार ढालें।''

उन्होंने कहा, ''जब मैं टीवी पर एडवेंचर और रियलिटी शो करता था, तब भी समय के साथ तरीका बदलता रहा। पहले जो तरीका काम करता था, अब वही तरीका पुराने जमाने जैसा लगने लगा। ऐसे में कलाकार को खुद में बदलाव करना और नए प्रयोग करना पड़ता है। यही वजह है कि मैंने हमेशा अपने काम में विविधता बनाए रखी।''

उन्होंने कहा, ''अभिनेता को कभी-कभी अलग तरह के शो करना चाहिए, जिससे दर्शक उनका नया पक्ष देखें। खुद को व्यक्त करना, नया सीखना और लगातार छोटे-छोटे कदम उठाते रहना ही लंबे समय तक सफलता बनाए रखने का रास्ता है।''

रणविजय ने कहा, "जीवन और करियर में केवल कुछ साल की सफलता पर्याप्त नहीं होती। अक्सर लोग सोचते हैं कि जब चार या पांच साल शानदार गए, तो अब बाकी जीवन आराम से बीत जाएगा। लेकिन वास्तविकता यह है कि लंबे समय तक सफल और यादगार बने रहने के लिए लगातार मेहनत करनी पड़ती है। किसी भी अभिनेता या होस्ट को अपने करियर को 40 साल तक ध्यान में रखते हुए काम करना चाहिए।''

रणविजय ने आगे कहा, ''काम ऐसा होना चाहिए जो सही समय पर लोगों के दिल और दिमाग में जगह बना सके। चाहे वह 15 सेकेंड का सोशल मीडिया कंटेंट हो, ओटीटी शोज हों, फिल्में, शॉर्ट फिल्में, खुद लिखी हुई चीजें या यूट्यूब कंटेंट, सबकुछ करना चाहिए। इस तरह आप दर्शकों की नजर में हमेशा बने रहते हैं और अपने काम की अहमियत बनाए रखते हैं। लगातार प्रासंगिक बने रहना ही सफलता की असली कुंजी है।''

उन्होंने कहा, ''अगर आप 30-40 साल तक लगातार लोगों की कहानियों और अपनी खुद की यात्रा का हिस्सा बने रहते हैं, तो यही करियर का सबसे अच्छा मुकाम है। इसके लिए जरूरी है कि आप हमेशा काम करते रहें, अपने आप को दिखाते रहें और समय के अनुसार खुद को ढालते रहें।''

--आईएएनएस

पीके/एएस