'घूसखोर पंडत' पर हंगामा, विरोध-प्रदर्शन से सेंसर की कैंची तक, विवादों से घिरे रहे इन फिल्मों के टाइटल

'घूसखोर पंडत' पर हंगामा, विरोध-प्रदर्शन से सेंसर की कैंची तक, विवादों से घिरे रहे इन फिल्मों के टाइटल

मुंबई, 7 फरवरी (आईएएनएस)। बॉलीवुड में एक बार फिर फिल्म के टाइटल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मनोज बाजपेयी स्टारर अपकमिंग फिल्म 'घूसखोर पंडत' के टाइटल पर ब्राह्मण समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

नीरज पांडे की फिल्म की कहानी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की है, जो 'घूसखोर पंडत' के नाम से जाना जाता है। फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि इससे एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है।

हालांकि, यह पहला मामला नहीं है, जब किसी फिल्म का नाम या थीम विवाद का कारण बनी हो। पहले भी कई फिल्मों को विरोध-प्रदर्शन, कानूनी नोटिस और सेंसर बोर्ड की कैंची का सामना करना पड़ा, जिसके बाद निर्माताओं को टाइटल में बदलाव करना पड़ा।

सत्यप्रेम की कथा :- समीर विद्वांस द्वारा निर्देशित यह रोमांटिक ड्रामा कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी स्टारर थी। फिल्म एक साधारण लड़के सत्यप्रेम और उसकी प्रेमिका की कहानी को पेश करती है। इसका मूल नाम 'सत्यनारायण की कथा' था, जिस पर धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगा। मेकर्स ने नाम बदलकर 'सत्यप्रेम की कथा' कर दिया। फिल्म साल 2023 में रिलीज हुई थी।

लक्ष्मी :- साल 2020 में आई राघव लॉरेंस के निर्देशन में बनी हॉरर कॉमेडी फिल्म का नाम 'लक्ष्मी बॉम्ब' था, जिसमें अक्षय कुमार और कियारा आडवाणी मुख्य भूमिकाओं में थे। कहानी एक व्यक्ति की है, जो एक ट्रांसजेंडर भूत द्वारा प्रभावित होता है। ट्रेलर रिलीज के बाद 'बॉम्ब' शब्द को देवी लक्ष्मी के नाम से जोड़कर विरोध हुआ, लव जिहाद के आरोप भी लगे। राजनीतिक और धार्मिक संगठनों की नाराजगी के बाद नाम बदलकर सिर्फ 'लक्ष्मी' कर दिया गया।

थैंक गॉड :- इंद्र कुमार निर्देशित फिल्म में अजय देवगन, सिद्धार्थ मल्होत्रा और रकुल प्रीत सिंह लीड रोल में हैं। कहानी एक आम आदमी की है, जो स्वर्ग में चित्रगुप्त भगवान से मिलता है और जीवन के खेल खेलता है। अजय देवगन का किरदार चित्रगुप्त था, लेकिन हिंदू देवता का मजाक उड़ाने के आरोप पर विरोध हुआ। साल 2022 में आई फिल्म के मेकर्स ने किरदार का नाम 'सीजी' कर दिया।

लवयात्री :- अभिराज मिनावाला के निर्देशन में बनी रोमांटिक फिल्म से आयुष शर्मा और वरीना हुसैन ने डेब्यू किया था। इसे सलमान खान ने प्रोड्यूस किया था। नवरात्रि के बैकग्राउंड पर आधारित कहानी एक युवा जोड़े की लव स्टोरी को दिखाती है। मूल नाम 'लवरात्रि' था, जो नवरात्रि से मिलता-जुलता होने पर विरोध का शिकार हुआ। साल 2018 में आई फिल्म के मेकर्स ने बदलाव करते हुए फिल्म का नाम 'लवयात्री' कर दिया।

पद्मावत :- संजय लीला भंसाली की पीरियड ड्रामा साल 2018 में आई थी, जिसमें दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। फिल्म रानी पद्मावती की कहानी पर आधारित है, जिसमें अलाउद्दीन खिलजी का आक्रमण दिखाया गया। मूल नाम 'पद्मावती' था, लेकिन करणी सेना ने इतिहास से छेड़छाड़ और भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया। वहीं, विरोध-प्रदर्शन के बाद नाम 'पद्मावत' किया गया और कुछ सीन भी हटाए गए।

गोलियों की रासलीला रामलीला :- संजय लीला भंसाली की यह फिल्म साल 2013 में आई थी। इस रोमांटिक ड्रामा में रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण लीड रोल में हैं। शेक्सपियर के रोमियो-जूलियट से प्रेरित कहानी दो विरोधी गुजराती परिवारों के प्रेमी जोड़े की है। मूल नाम 'रामलीला' था, लेकिन धार्मिक भावनाएं आहत होने की शिकायत पर विरोध हुआ, जिसके बाद फिल्म का नाम बदलकर 'गोलियों की रासलीला रामलीला' रखा गया।

--आईएएनएस

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