हिंदी साहित्य के शिखर पुरुष आचार्य रामचंद्र शुक्ल, समीक्षा को दिया नया शास्त्र
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य में अगर किसी एक व्यक्ति ने आलोचना, निबंध और इतिहास-लेखन तीनों को शिखर पर पहुंचाया तो वह नाम आचार्य रामचंद्र शुक्ल का है। उनका जन्म 4 अक्टूबर 1884 को उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के अगोना गांव में हुआ था। उनका निधन 1941 को हुआ, लेकिन 56 साल के छोटे से जीवन में उन्होंने जो काम किया, वह आज भी हिंदी साहित्य की धुरी बना हुआ है।