शहीद-ए-आजम भगत सिंह: बहरों को जगाने के लिए असेंबली में फेंका था बम, 23 साल का नौजवान जिससे डरती थी ब्रिटिश हुकुमत
नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। 'उन्हें यह फिक्र है हरदम, नयी तर्ज-ए-जफा क्या है? हमें यह शौक है देखें, सितम की इन्तहा क्या है?" ये पंक्तियां लिखने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को हुआ था। एक ऐसा नाम, जो सिर्फ एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं बल्कि हिंदुस्तान के हर युवा के दिल में धड़कता हुआ जज्बा है।