थल सेना दिवस : कैसे भारतीय सेनापति बना भारत का बेटा, और खत्म हुआ सेना पर अंग्रेजी नेतृत्व
नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लंबे संघर्ष के बाद भारत आजाद तो हो चुका था, लेकिन स्वतंत्रता के बाद भी लगभग डेढ़ साल तक भारतीय सेना की कमान अंग्रेज अफसरों के हाथों में ही रही। यह स्थिति आगे भी बनी रह सकती थी, अगर लेफ्टिनेंट जनरल नाथू सिंह राजपूत योद्धा ने समय रहते तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को उस कड़वी सच्चाई से अवगत न कराया होता कि किसके पास भारत और भारतीय सेना का नेतृत्व करने की समझ व अनुभव है और किसके पास नहीं।