गयाजी में इन प्रमुख स्थानों पर पिंडदान का है विशेष महत्व, अलग-अलग दोषों से मिलती है मुक्ति
गयाजी, 27 सितंबर (आईएएनएस)। पितृपक्ष के दौरान बिहार का गयाजी दुनिया भर के सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन जाता है। धार्मिक मान्यता है कि गयाजी में पिंडदान और तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि हर साल देश-विदेश से लाखों लोग अपने पूर्वजों के निमित्त यहां पहुंचते हैं। शास्त्रों में गयाजी को पितृ कर्म के लिए सर्वोच्च तीर्थ बताया गयाजी है और कहा जाता है कि यहां विधि-विधान से पिंडदान करने पर सात पीढ़ियों तक के पितरों का उद्धार होता है।