एमएस स्वामीनाथन: 1960 का अकाल, खाली थालियां और एक शख्स, जिसने कैम्ब्रिज से लौटकर खेतों को चुना और बचा लिया देश
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। 1960 के दशक में भारत में भयंकर अकाल पड़ा था और लोग बड़े पैमाने पर भुखमरी का शिकार हो रहे थे। पश्चिम से मिलने वाली खाद्य सहायता ही हमारी जीवन रेखा थी। संकट के उस दौर में एक नाम सामने आया डॉ. एमएस स्वामीनाथन। उनकी दूरदर्शिता और अथक प्रयासों ने पूरे हिंदुस्तान की किस्मत बदल डाली। उन्होंने किसानों के जीवन में सुधार करने और कृषि की उन्नति में युगांतरकारी भूमिका निभाई, जहां से भारत में 'हरित क्रांति' का सिलसिला शुरू हुआ।