नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने मंगलवार को कहा कि उसे इनकम टैक्स से एक ड्राफ्ट असेसमेंट ऑर्डर मिला है, जिसमें 5,786 करोड़ रुपए की डिमांड शामिल है।
हालांकि, कंपनी ने कहा कि इस नोटिस का उसकी वित्तीय स्थिति और ऑपरेशनल प्रदर्शन पर कोई असर नहीं होगा।
रेगुलेटरी फाइलिंग में ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी ने कहा कि वह उचित प्रक्रिया के तहत विवाद समाधान पैनल के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराएगी।
असेसमेंट ऑर्डर में वित्तीय वर्ष 2022-23 से संबंधित है, जिसमें कर अधिकारियों ने कंपनी की रिपोर्ट की गई आय में 57,864 मिलियन रुपए की कुछ बढ़ोतरी और कटौती का प्रस्ताव दिया है।
ऑटो कंपनी ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, “कंपनी को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए एक ड्राफ्ट असेसमेंट ऑर्डर प्राप्त हुआ है, जिसमें आयकर रिटर्न में घोषित आय (कंपनी द्वारा आयकर रिटर्न में बताई गई आय) के संबंध में 57,864 मिलियन रुपए की कुछ अतिरिक्त राशि/अस्वीकरण प्रस्तावित किए गए हैं।”
कंपनी ने आगे कहा, “विवाद समाधान पैनल के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज करेगी।”
इस डेवलपमेंट के बाद भी मारुति सुजुकी के शेयर में तेजी देखी गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर शेयर 1.98 प्रतिशत की तेजी के साथ 13,010 रुपए पर बंद हुआ।
साथ ही, कंपनी ने अपने हालिया वित्तीय प्रदर्शन का विवरण भी साझा किया। अपने अनऑडिटेड तीसरी तिमाही के परिणामों के अनुसार, मारुति सुजुकी इंडिया ने कुल कर व्यय 10,360 मिलियन रुपए दर्ज किया।
कंपनी की बिक्री 6,67,769 मिलियन रुपए रही, जबकि कर पश्चात लाभ (पीएटी) 37,940 मिलियन रुपए रहा।
परिचालन के लिहाज से, कंपनी ने स्थिर वृद्धि दर्ज की। वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में, मारुति सुजुकी ने 1,435,945 यूनिट्स बेचीं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
बिक्री में मिनी कार, कॉम्पैक्ट वाहन, मिडसाइज कार और यूटिलिटी वाहन शामिल थे।
भविष्य में कंपनी मांग को लेकर सतर्क रूप से आशावादी बनी हुई है। वरिष्ठ कार्यकारी राहुल भारती ने पहले संकेत दिया था कि चौथी तिमाही सकारात्मक रहने की उम्मीद है, साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में विकास का स्पष्ट दृष्टिकोण सामने आएगा।
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