हैमिल्टन, 1 नवंबर (आईएएनएस)। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें टी20 मुकाबले में 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। भारत से मिले 192 रनों के लक्ष्य को न्यूजीलैंड ने सिर्फ 3 विकेट खोकर हासिल किया। हार के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर का कहना है कि टीम को खासतौर पर फील्डिंग में सुधार करने की जरूरत है।
मैच के बाद भारतीय कप्तान ने कहा, "सच कहूं तो, यह मुमकिन था। मिडिल ओवरों में हमें जैसी शुरुआत मिली थी, और जिस तरह से मैंने और ईशान ने मोमेंटम बनाया था, उसे देखते हुए हम और बेहतर कर सकते थे। हालांकि, उसके बाद हमने लगातार विकेट गंवा दिए, जिससे नए बल्लेबाज पर अचानक दबाव आ गया। इस पिच पर खेलना आसान नहीं था, खासकर तब जब गेंद सीम कर रही थी, कभी रुककर आ रही थी, तो कभी तेजी से फिसल कर निकल रही थी। आपने देखा होगा कि मैं और तिलक, हम दोनों लगभग एक ही तरह से आउट हुए। यह काफी चुनौतीपूर्ण था, खासकर उस 'हार्ड लेंथ' पर। लेकिन 191 रन तक पहुंचना, मेरे हिसाब से एक ठीक-ठाक स्कोर था।"
अय्यर ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि हम अपनी गेंदबाजी और फील्डिंग में और बेहतर कर सकते थे। हम थोड़े लापरवाह रहे। मगर यह सीखने का एक बहुत अच्छा मौका था। विदेश में आना, न्यूजीलैंड आना और अलग-अलग मौकों पर, अलग-अलग मैदानों पर खेलना, यह सीखने का एक शानदार अनुभव रहा।"
भारतीय कप्तान ने आखिरी दो टी20 में प्लेइंग इलेवन में प्रयोग करने के सवाल पर कहा," बिल्कुल, मुझे लगता है कि शुरुआती तीन मैचों ने हमें एक अच्छी लय दी। फिर आखिरी दो मैचों में हम ऐसी स्थिति में थे, जहां हम कुछ प्रयोग करना चाहते थे और खुद को थोड़ा और चुनौती देना चाहते थे। आज इसके लिए सही मौका था। जाहिर है कि हम उस उम्मीद पर खरे नहीं उतरे, लेकिन जैसा मैंने कहा कि यह सीखने का एक बेहतरीन अनुभव रहा।"
श्रेयस अय्यर ने कहा कि टीम को अपनी फील्डिंग में खासतौर पर सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अभी मैं इस बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहता, क्योंकि हमें अभी वनडे मैच खेलने हैं, लेकिन खिलाड़ियों का जोश बहुत हाई है। जब आप विदेश में खेलने आते हैं, तो खेल के अलग-अलग पहलुओं में आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। और आप जितनी हिम्मत से इन चुनौतियों का सामना करते हैं, उतना ही बेहतर होता जाता है। आज हमारे पास एक ऐसा ही मौका था, जिसका हम फायदा उठाना चाहते थे, लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाए। हालांकि, हम इस पर चर्चा कर सकते हैं और हमें कुछ चीजों पर काम करने की जरूरत है,खासकर फील्डिंग पर।"
उन्होंने आगे कहा, "यह खेल का एक ऐसा पहलू है, जिसमें हमें सुधार करने की जरूरत है। लेकिन सच कहूं तो, जब आप ऐसी तेज रोशनी और साफ आसमान के नीचे खेलते हैं, तो यह आसान नहीं होता। भारत में हमें अक्सर ऐसी स्थितियां देखने को नहीं मिलतीं। मगर हां, यह सीखने का एक बहुत अच्छा अनुभव रहा।"
--आईएएनएस
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