नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली में इंडिया गठबंधन की रैली के विरोध में कुछ संगठनों ने मार्च निकाला और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। मार्च में शामिल लोगों का कहना था कि दीपावली जैसे त्योहार में, जब व्यापारी बड़ी कमाई की उम्मीद करते हैं, ऐसे में इस तरह दिल्ली में प्रदर्शन ठीक नहीं है।
यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने कहा कि एक महीने से ऊपर समय हो गया है। हमारी दिल्ली को इन राष्ट्र-विरोधियों, सनातन-विरोधियों, व्यापारी-विरोधियों और सिख-विरोधियों ने बंधक बनाकर रखा हुआ है। हमारा व्यापारी वर्ग, हमारा संत समाज और हमारा सिख समाज बार-बार यह अनुरोध कर रहा है कि भाई, यह हमारा त्योहार है।
उन्होंने कहा कि दीपावली हमारे सनातनियों का सबसे बड़ा त्योहार है। अगर आपको धरना-प्रदर्शन करना है तो दीपावली के बाद कर लो, मगर कम से कम हमें दीपावली मना लेने दो। यह ऐसा त्योहार है, जिसमें हर व्यक्ति कम से कम छह महीने की कमाई की उम्मीद लेकर काम करता है। इन्होंने किसी व्यापारी, किसी संत और किसी सिख समाज की कोई परवाह नहीं की। आज 1 नवंबर 1984 को इन कांग्रेसियों ने दिल्ली और देश में सिखों का कत्लेआम करवाया था। क्या आज इतना बड़ा कार्यक्रम करके उनकी बरसी मना रहे हैं? उनके जख्मों पर नमक डाल रहे हैं? देश में वोट चोरी के नाम पर अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। ज्ञानेश कुमार जी, जिन्होंने बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं के वोट काटकर उन्हें देश से बाहर भेजने का काम किया, उन्हें कभी चोर तो कभी डाकू और न जाने क्या-क्या शब्द बोलकर एक राष्ट्रभक्त का अपमान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह देश सनातनियों का है। हम सबको अपने त्योहार मनाने का हक है। आप सनातन पर चोट कर रहे हो, मेरी दीपावली को काली बना रहे हो। देश का 125 करोड़ सनातनी हिंदू समाज इस बात को बिल्कुल भी बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है। इसलिए हमारा यह विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। पूरे वर्ष के सनातन धर्म के पर्वों पर मार्केट में जो रौनक आती है, हिंदुस्तान के कोने-कोने से छोटे-बड़े व्यापारी रोजी-रोजगार और अपने बच्चों के भविष्य के लिए जो योजनाएं बनाकर बैठे हैं, उन्हें निष्फल करने का काम राहुल गांधी ने किया है।
इस मार्च में शामिल एक अन्य ने कहा कि ईवीएम को खराब बताने वाले लोग बैलेट पेपर से हुए चुनावों का नतीजा भी देख चुके हैं। हम दिल्ली की जनता, दिल्ली के व्यापारी और दिल्ली के जागरूक नागरिक यह कहना चाहते हैं कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार विदेशी फंडिंग तथा विदेशी इशारों पर काम कर रहे हैं। जो व्यक्ति सही काम करे, क्या उसे भी गलत कहा जाएगा? उन्होंने क्या गलत किया? अगर उन्होंने बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों को यहां से हटाने के लिए अभियान शुरू किया, तो हम उसका समर्थन करते हैं।
इस आयोजन में ग्लोबल वैश्य फेडरेशन, यूनाइटेड हिंदू फ्रंट और दिल्ली सिख समाज समेत कई सामाजिक, धार्मिक और व्यापारी संगठनों ने शामिल होने की घोषणा की और अपना समर्थन दिया है।
--आईएएनएस
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