नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में अपनी कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद के साथ बैठक की। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की।
बैठक के बाद, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और कनाडा दोनों देशों का नेतृत्व और पारस्परिक संवाद रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पोस्ट में कहा, "आज नई दिल्ली में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मिलकर खुशी हुई। हमने व्यापार और निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में अपने संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही, प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया।"
उन्होंने आगे कहा, "अपने नेतृत्व और सरकार तथा उद्योग जगत के साथ लगातार बातचीत के जरिए हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं।"
इससे पहले अनीता आनंद ने 2025 में अपनी भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर के साथ हुई उस बैठक को याद किया, जिसमें वे कनाडा-भारत संबंधों के लिए एक संयुक्त रोडमैप बनाने पर सहमत हुए थे। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय सहयोग में हो रही प्रगति को देखकर वो बेहद उत्साहित हैं।
उन्होंने कहा कि कनाडा और भारत के बीच जुड़ाव भविष्य की समृद्धि को आकार देने और एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में योगदान करने का अवसर प्रदान करता है, खासकर ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में बड़े बदलाव हो रहे हैं।
आनंद ने एक्स पोस्ट में कहा, "ठीक एक साल पहले नई दिल्ली में, मैंने कनाडा-भारत संबंधों के लिए एक संयुक्त रोडमैप तैयार करने के लिए अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा, “आज लौटकर यह देखकर उत्साहित हूं कि हमने कितनी प्रगति की है। व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने से लेकर ऊर्जा, नवाचार और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने तक, दोनों देश कई मोर्चों पर आगे बढ़े हैं।”
कनाडाई विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और कनाडा के संबंधों का वास्तविक महत्व इस बात में है कि दोनों देश मिलकर क्या हासिल कर सकते हैं। ऐसे समय में, जब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में व्यापक बदलाव हो रहे हैं, भारत और कनाडा के बीच मजबूत होते संपर्क भविष्य की समृद्धि को आकार देने और स्वतंत्र, खुले तथा समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र में योगदान देने का अवसर प्रदान करते हैं।
इससे पहले दिन में, अनीता आनंद ने तेजी से बदलती दुनिया में कूटनीति के प्रति कनाडा के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। बुधवार को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में आनंद ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के विकास में 'मिडिल पावर्स' (मध्यम दर्जे की ताकतों) की अहम भूमिका पर जोर दिया।
फोरम में अपनी भागीदारी के बारे में जानकारी देते हुए, आनंद ने 'एक्स' पर लिखा, "अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के विकास में मिडिल पावर्स की अहम भूमिका है। जब हमारे हित एक जैसे हों, तो साथ मिलकर काम करके हम ज्यादा असर डाल सकते हैं और उन चुनौतियों का समाधान ढूंढ सकते हैं जो राष्ट्रीय सीमाओं से परे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में, मैंने तेजी से बदलती दुनिया में कूटनीति के प्रति कनाडा के नजरिए के बारे में बात की। हमारी ताकत उस भरोसे में है जो हम समय के साथ बनाते हैं और देशों को एक साथ लाने की हमारी क्षमता में है, खासकर तब जब अंतरराष्ट्रीय सहयोग की परीक्षा हो रही हो।"
अनीता आनंद मंगलवार को आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचीं। पिछले साल जून के बाद से भारत का यह उनका तीसरा दौरा है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने आनंद का गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि भारत का उनका दौरा दोनों देशों को हाल की प्रगति को आगे बढ़ाने और द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने का मौका देगा।
--आईएएनएस
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