भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में हुई प्रगति से उत्साहित हूं: कनाडा की विदेश मंत्री

Anita Anand in India

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के दो दिवसीय दौरे पर आईं कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति पर संतोष जताया है। बुधवार को उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के साथ ऊर्जा, नवाचार और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार कर रहे हैं।

कनाडाई विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट पर एक तस्वीर के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने 14 अक्टूबर से जुड़ी खास याद साझा करते हुए कहा, "ठीक एक साल पहले नई दिल्ली में उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मुलाकात कर कनाडा-भारत संबंधों के लिए संयुक्त रोडमैप तैयार करने की दिशा में कदम उठाया था।"

उन्होंने कहा, "आज लौटकर यह देखकर उत्साहित हूं कि हमने कितनी प्रगति की है। व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने से लेकर ऊर्जा, नवाचार और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने तक, दोनों देश कई मोर्चों पर आगे बढ़े हैं।”

आनंद ने कहा कि भारत और कनाडा के संबंधों का वास्तविक महत्व इस बात में है कि दोनों देश मिलकर क्या हासिल कर सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे बदलाव जिक्र करते हुए आगे कहा, "ऐसे समय में, जब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में व्यापक बदलाव हो रहे हैं, भारत और कनाडा के बीच मजबूत होते संपर्क भविष्य की समृद्धि को आकार देने और स्वतंत्र, खुले तथा समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र में योगदान देने का अवसर प्रदान करते हैं।"

उनका यह बयान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने के प्रयासों के बीच आया है।

कनाडा की विदेश मंत्री मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। पोस्ट में लिखा कि जून 2025 के बाद यह अनीता आनंद की भारत की तीसरी यात्रा है। यह दौरा भारत और कनाडा के बीच लगातार जारी उच्चस्तरीय संवाद तथा संबंधों में आई सकारात्मक गति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

जायसवाल के अनुसार, यात्रा के दौरान दोनों पक्ष हाल के दिनों में हुई प्रगति को आगे बढ़ाने और द्विपक्षीय साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श करेंगे। यह दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों में निरंतरता और आपसी सहयोग की दिशा में एक और सकारात्मक कदम माना जा रहा है। आगामी बैठकों में आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

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