पीएम मोदी का ब्लॉग: 1000 साल बाद भी अडिग खड़ा है सोमनाथ; विध्वंस नहीं, पुनरुत्थान की गाथा

IANS | January 5, 2026 9:37 AM

नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में सोमनाथ मंदिर के विध्वंस और पुनरुत्थान की अद्भुत कहानी को स्मरण किया है, जो भारत की सभ्यतागत चेतना को परिभाषित करती है। वर्ष 1026 ईस्वी में, आज से ठीक एक हजार साल पहले, सोमनाथ का पहला विध्वंस हुआ था। लेकिन सहस्र वर्षों बाद आज भी सोमनाथ मंदिर अभूतपूर्व गौरव के साथ खड़ा है और यह सन्देश देता है कि आस्था को न तो मिटाया जा सकता है और न ही झुकाया जा सकता है।

दिल्ली शब्दोत्सव 2026: यूनिफॉर्म सिविल कोड जरूरी, देश में लागू करने के लिए चाहिए ठोस पहल: विक्रमजीत बनर्जी

IANS | January 4, 2026 2:58 PM

नई दिल्ली, 4 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली शब्दोत्सव 2026 में रविवार को आयोजित चर्चा में देश के अहम संवैधानिक और ऐतिहासिक मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में मुख्य रूप से यूनिफॉर्म सिविल कोड और मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के कानूनी पहलुओं पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे।

मार्च 2026 तक 500 के नोट बंद होने की खबर फर्जी, पीआईबी फैक्ट चेक ने बताया झूठा

IANS | January 2, 2026 6:10 PM

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर फैल रही एक झूठी खबर का खंडन किया है, जिसमें कहा जा रहा था कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मार्च 2026 तक एटीएम से 500 रुपए के नोट देना बंद कर देगा। सरकार ने साफ कहा है कि यह दावा पूरी तरह गलत है।

यादों में दुष्यंत : 'मसान' की गुजरती रेल, शब्दों में थरथराता 'दिल', तड़प और पीड़ा के रचनाकार की कहानी

IANS | December 29, 2025 9:12 PM

नई दिल्ली, 29 दिसंबर (आईएएनएस)। साल 2015 में बॉलीवुड की फिल्म 'मसान' रिलीज हुई। बनारस, आज के युवाओं के लिए वाराणसी, के बैकड्रॉप पर सेट इस फिल्म के हर संवाद, सीन और गाने लोगों के कानों के रास्ते दिल तक पहुंच गए। एक गाना है, 'तू किसी रेल सी गुजरती है, मैं किसी पुल सा थरथराता हूं।' यह गाना दुष्यंत कुमार की गजल से लिया गया, जिसने हर उम्र को अपना दीवाना बना लिया।

वैश्विक एआई क्षेत्र में अदाणी ग्रुप की भूमिका लगातार बढ़ रही है : गौतम अदाणी

IANS | December 28, 2025 3:45 PM

मुंबई, 28 दिसंबर (आईएएनएस)। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने रविवार को कहा कि भारत एक ऐसे अहम दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां तकनीक, प्रतिभा और राष्ट्रीय उद्देश्य एक साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के युग में आगे आएं और नेतृत्व करें।

सरकार की 'आपकी पूंजी, आपका अधिकार' पहल का असर, लोगों को मिले 2,000 करोड़ रुपए के भूले हुए रुपए

IANS | December 26, 2025 5:27 PM

नई दिल्ली, 26 दिसंबर (आईएएनएस)। सरकार ने एक बड़ी पहल के जरिए लोगों के करीब 2,000 करोड़ रुपए वापस दिलाए हैं, जो अलग-अलग जगहों पर लावारिस (अनक्लेम्ड) बचत के रूप में पड़े थे। इनमें बैंक जमा, बीमा, म्यूचुअल फंड, शेयरों से मिलने वाला डिविडेंड और रिटायरमेंट से जुड़े पैसे शामिल हैं।

गुजरात की पालक माता-पिता योजना बनी बनासकांठा में अनाथ बच्चों के लिए संजीवनी

IANS | December 25, 2025 10:30 PM

गांधीनगर, 25 दिसंबर (आईएएनएस)। गुजरात सरकार की पालक माता-पिता योजना (फोस्टर पैरेंट स्कीम) बनासकांठा जिले में अनाथ और बेसहारा बच्चों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा देखभाल, सुरक्षा और पारिवारिक वातावरण से वंचित न रहे।

एआई का भारत और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में मानव पूंजी पर प्रभाव

IANS | December 24, 2025 6:59 PM

सोनीपत, 24 दिसंबर (आईएएनएस)। भारत और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में मानव पूंजी पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभाव को समझने के उद्देश्य से आयोजित प्री-समिट तैयारियों के तहत एक ऐतिहासिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

बेसिक होम लोन ने रक्षा कर्मियों के लिए विशेष होम लोन ऑफर को लेकर ‘उड़ चलो’ से की साझेदारी

IANS | December 24, 2025 6:03 PM

नई दिल्ली, 24 दिसंबर (आईएएनएस)। भारत के सबसे तेजी से बढ़ते मॉर्गेज-केंद्रित फिनटेक प्लेटफॉर्म बेसिक होम लोन (बीएएसआईसी) ने सेवारत एवं सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों और उनके परिवारों के लिए विशेष रूप से तैयार होम लोन समाधान उपलब्ध कराने के लिए 'उड़ चलो' हाउसिंग के साथ साझेदारी की है।

जैनेंद्र कुमार : भारत का मानचित्र बनाकर लिए थे 'फेरे', ठुकरा दिया था 'हिंदी सलाहकार' का पद

IANS | December 23, 2025 11:49 PM

नई दिल्ली, 23 दिसंबर (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य के मनोवैज्ञानिक कथाकार जैनेंद्र कुमार की लेखनी ने हिंदी उपन्यास को नई दिशा दी। मनोविश्लेषण की गहराई से पात्रों के अंतर्मन को उन्होंने कलम के साथ कोरे कागज पर उकेरा। नई विचारधारा और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण कुछ आलोचकों ने उन्हें विवादास्पद माना, लेकिन कई साहित्यकारों ने उन्हें 'मानव मन के मसीहा' या 'नए युग का प्रवर्तक' भी कहा।