भारत में आईआईटी स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए की गई 'इंडिया डीप टेक एक्सेलेरेटर' की घोषणा

IANS | February 17, 2026 6:33 PM

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। इंडिया डीप टेक एलायंस (आईडीटीए) और शिकागो यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के पोल्स्की सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन ने मंगलवार को 'इंडिया डीप टेक एक्सेलेरेटर' लॉन्च करने की घोषणा की। यह 10 हफ्तों का विशेष कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य आईआईटी से जुड़े डीप टेक स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने में मदद करना है।

दुनिया की 16 प्रतिशत एआई प्रतिभा भारतीय मूल की है: श्वेत पत्र

IANS | February 17, 2026 6:19 PM

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। मंगलवार को जारी एक श्वेत पत्र (व्हाइट पेपर) में कहा गया है कि दुनिया की लगभग 16 प्रतिशत एआई प्रतिभा भारतीय मूल की है, जिससे वैश्विक एआई क्षमता के क्षेत्र में भारत को विशेष बढ़त मिलती है। साथ ही अनुमान है कि आने वाले 15 वर्षों में वैश्विक जीडीपी वृद्धि में भारत का योगदान लगभग 20 प्रतिशत तक हो सकता है।

एआई की लहर बदल देगी ज्ञान आधारित नौकरियों की तस्वीर: ऑटोमेशन एनीवेयर के चेयरमैन मिहिर शुक्ला

IANS | February 17, 2026 5:19 PM

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी कंपनी ऑटोमेशन एनीवेयर के सह-संस्थापक, सीईओ और चेयरमैन मिहिर शुक्ला ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लगभग हर तरह की नौकरी, खासकर ज्ञान आधारित नौकरियों को नए सिरे से परिभाषित करने वाला है।

एआई की सफलता जीवन को आसान करने वाले समाधान बनाने पर निर्भर करेगी : आईटी सचिव एस. कृष्णन

IANS | February 17, 2026 5:12 PM

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव, एस. कृष्णन ने मंगलवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रचार से परे सफल होगा या नहीं, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि क्या यह ऐसे समाधान प्रदान करता है जो लोगों के जीवन को बेहतर बनाते हैं।

वित्त वर्ष 2027 में ब्याज दरें स्थिर रख सकता है आरबीआई: रिपोर्ट

IANS | February 17, 2026 4:59 PM

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) वित्त वर्ष 2027 में नीतिगत ब्याज दरों को स्थिर रख सकती है, क्योंकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है।

पीएम मोदी के एआई विजन की सर्वम एआई के को-फाउंडर ने की सराहना

IANS | February 17, 2026 4:45 PM

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। सर्वम एआई के को-फाउंडर प्रत्यूष कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विजन को लेकर सराहना की है। ‘मोदी स्टोरी’ में साझा किए गए अपने अनुभव में उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ हुई मुलाकात की झलकियां साझा करते हुए कहा कि पीएम मोदी तकनीक को केवल नवाचार नहीं, बल्कि जन-कल्याण का साधन मानते हैं।

भारत में रजिस्टर्ड ड्रोन की संख्या 38,500 के पार; 39,000 से अधिक प्रमाणित रिमोट पायलट

IANS | February 17, 2026 4:26 PM

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। भारत में ड्रोन इकोसिस्टम तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में पंजीकृत ड्रोन की संख्या 38,500 के पार पहुंच गई है और देश में फरवरी 2026 तक डीजीसीए-प्रमाणित रिमोट पायलटों की संख्या 39,890 हो गई है।

एआई से बदलेगा शिक्षा का स्वरूप, सशक्त होगी नई पीढ़ी

IANS | February 17, 2026 3:54 PM

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का आज दूसरा दिन है। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि देश की नई पीढ़ी को एआई-सक्षम शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित इस एआई इम्पैक्ट समिट ने युवाओं के भीतर नई ऊर्जा और उत्साह पैदा किया है और बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और विशेषज्ञ इस समिट में भाग ले रहे हैं।

स्पेस में घूमता 'लाइट हाउस' है रहस्यमयी तारा 'पल्सर', सेकंड में लगाता है सैकड़ों चक्कर

IANS | February 17, 2026 3:44 PM

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। आजकल सोशल मीडिया पर पल्सर नाम का न्यूट्रॉन तारा छाया हुआ है, जो सेकंड भर में सैकड़ों बार चक्कर काटता है। तेजी से घूमने के साथ ही तेज आवाज भी निकालता है और इसमें गजब की चुंबकीय शक्ति पाई गई। ऐसे में नासा ने इसके बारे में जानकारी दी।

कोडिंग अब टेक प्रोफेशनल्स का मुख्य काम नहीं रहेगा: इंफोसिस के नन्दन नीलेकणि

IANS | February 17, 2026 3:33 PM

बेंगलुरु, 17 फरवरी (आईएएनएस)। इंफोसिस के सह-संस्थापक और चेयरमैन नन्दन नीलेकणि ने मंगलवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सॉफ्टवेयर बनाने और उसे लागू करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कोड लिखना टेक्नोलॉजी पेशेवरों का मुख्य काम नहीं रहेगा।