वरूण के टिकट पर संशय, क्या पीलीभीत में टूटेगा उनके परिवार का तीन दशक पुराना वर्चस्व ?
पीलीभीत, 19 मार्च (आईएएनएस)। अमेठी और रायबरेली की तरह पीलीभीत को भी दूसरे गांधी परिवार का गढ़ कहा जाता है। इस सीट पर पिछले तीस वर्षों से कभी मेनका तो कभी वरुण गांधी सांसद रहे हैं। हालांकि इस चुनाव में क्या होगा, इसको लेकर काफी उहापोह की स्थिति है। अभी इस सीट पर न तो सत्ता पक्ष न ही विपक्ष ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। अब देखना है कि इस लोकसभा चुनाव में इस विरासत का फैसला क्या होगा।