कपालभाति : शरीर शुद्धिकरण और मानसिक संतुलन का आयुर्वेदिक तरीका
नई दिल्ली, 11 दिसंबर (आईएएनएस)। कपालभाति केवल एक प्राणायाम नहीं, बल्कि शरीर और मन की गहराई से सफाई करने का तरीका है। आयुर्वेद कहता है कि जब जठराग्नि यानी पाचन की अग्नि कमजोर होती है, तो रोग जन्म लेते हैं और जब अग्नि प्रबल होती है, तो शरीर अपने आप ही विकारों को जलाकर शुद्ध हो जाता है। कपालभाति इसी अग्नि को जाग्रत करने का अभ्यास है।