गर्भावस्था में मां और शिशु के लिए बेहद फायदेमंद है शरीफा, कब्ज, कमजोरी और तनाव से देता है राहत

IANS | January 14, 2026 9:53 AM

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। गर्भावस्था महिला के जीवन की एक बहुत संवेदनशील और आनंदमय स्टेज होती है। इस दौरान मां का शरीर केवल अपनी ही नहीं, बल्कि गर्भ में विकसित हो रहे शिशु की जरूरतों को भी पूरा करता है। ऐसे में आहार को लेकर कई सवाल स्वाभाविक रूप से मन में आते हैं- क्या खाना चाहिए, कितना खाना चाहिए और ऐसा कौन-सा भोजन लिया जाए जो मां को ऊर्जा दे तथा शिशु के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सही विकास में सहायक हो।

उषापान से करें दिन की शुरुआत, मन हल्का, पाचन बेहतर और डिटॉक्स होगी बॉडी

IANS | January 13, 2026 9:21 PM

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। सेहतमंद रहने के लिए बड़े-बड़े बदलावों की जरूरत नहीं, बस छोटी सी आदत काफी है। आयुर्वेद भी ऐसे ही एक छोटे लेकिन बेहद फायदेमंद उपाय की सलाह देता है, जिसे उषापान कहते हैं। सुबह उठकर सबसे पहले खाली पेट गुनगुना पानी पीना। यह आसान तरीका पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है।

सर्दियों में मूली खाने का सही तरीका: कब, कितना और कैसे खाएं ताकि पाचन प्रणाली रहे मजबूत

IANS | January 13, 2026 12:00 PM

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। सर्दियों में मूली को प्राकृतिक सुपरफूड कहा गया है। मूली में मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा और ताकत देने का काम करते हैं। यह पाचन, इम्युनिटी और त्वचा की सेहत के लिए भी वरदान है। बहुत से लोग सलाद या सूप के रूप में इसका सेवन करते हैं, लेकिन इसके सही तरीके, समय और मात्रा को जानना भी जरूरी है, ताकि इसके स्वास्थ्य लाभ पूरी तरह मिल सकें।

बॉडी डिटॉक्स से मजबूत इम्युनिटी तक, सुबह खाली पेट गुनगुने नींबू पानी के जबरदस्त फायदे

IANS | January 13, 2026 11:10 AM

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। शरीर की साफ-सफाई सिर्फ बाहर से नहीं, बल्कि अंदरूनी तौर पर भी बहुत जरूरी है। इसके लिए महंगे उपायों की जरूरत नहीं। बस हर सुबह उठते ही खाली पेट एक गिलास गुनगुना पानी में ताजा नींबू निचोड़कर पी लें। यह आसान आदत अपनाने से पाचन बेहतर होता है, शरीर डिटॉक्स होता है और सेहत में कई गुना सुधार आता है।

सर्दियों में बीमारियों से बचाने में बच्चों की मजबूत ढाल बनती है ये चार चीजें, एक्टिव बनता है शरीर

IANS | January 13, 2026 8:46 AM

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। सर्दियों की ठंडी हवा बच्चों की सेहत को सबसे पहले प्रभावित करती है। गले में खराश, नाक बहना, खांसी और थकान, यह सब मौसम में बेहद आम माने जाते हैं। माता-पिता के लिए ऐसे समय में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि बच्चों को ऐसा क्या खिलाया जाए जिससे उनका शरीर अंदर से गर्म भी रहे और बीमारियों से लड़ने की ताकत भी बढ़े।

नेचुरल एनर्जी बूस्टर : रोजाना 15 मिनट सुबह की धूप से सेहत को मिलेंगे कई लाभ

IANS | January 12, 2026 8:27 PM

नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग घर या ऑफिस के अंदर ही रहते हैं, एसी और बंद कमरों में समय बिताते हैं। इससे शरीर में विटामिन डी की कमी बहुत आम हो गई है। अच्छी बात यह है कि सुबह की पहली धूप आपके लिए एक नेचुरल एनर्जी बूस्टर का काम करती है।

रक्त शुद्धि से लेकर हृदय रोगों के जोखिम को कम करता है कालमेघ, सेवन से पहले जान लें सावधानियां

IANS | January 12, 2026 7:45 PM

नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियों का उल्लेख मिलता है, जो अपने गुणों के अनुसार बीमारियों से निजात पाने में मदद करती हैं। किसी जड़ी-बूटी की जड़ तो किसी के पत्ते गुणों से भरे होते हैं। ऐसा ही एक पत्तेदार पौधा कालमेघ है, जिसकी पत्तियां शरीर के हर अंग के लिए फायदेमंद हैं।

रजत भस्म: चांदी के शोधन से बना पाउडर त्वचा को देगा नई ऊर्जा, मिलेगा प्राकृतिक निखार

IANS | January 12, 2026 3:49 PM

नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। आयुर्वेद में सदियों से जड़ी-बूटियों के जरिए बीमारियों का उपचार किया जा रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भस्म के जरिए भी कई बीमारियों से निजात पाई जा सकती है?

अखरोट से बाजरा तक, ब्लड शुगर को प्राकृतिक तरीके से नियंत्रित करेंगे ये सुपरफूड्स

IANS | January 12, 2026 11:15 AM

नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। डायबिटीज एक गंभीर समस्या है। अगर इसे नियंत्रित न किया जाए, तो यह दिल, किडनी, आंखों के साथ ही शरीर के हर हिस्से को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे कई गंभीर शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ब्लड शुगर को दवाओं के साथ-साथ प्राकृतिक तरीके से नियंत्रित करना आज के समय में बहुत जरूरी हो गया है।

30 पार करते ही बढ़ रही भूलने की आदत, इन आदतों से दिमाग रहेगा तेज

IANS | January 12, 2026 9:43 AM

नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में 30 की उम्र पार करते ही लोग अक्सर थकान, भूलने की आदत, चिड़चिड़ापन और ध्यान की कमी को आम बात मान लेते हैं। काम का दबाव, परिवार की जिम्मेदारियां, मोबाइल स्क्रीन और अनियमित दिनचर्या धीरे-धीरे दिमाग पर असर डालने लगती है। आयुर्वेद इसे प्रज्ञापराध कहता है, यानी जब इंसान अपनी बुद्धि, शरीर और मन की जरूरतों को नजरअंदाज करने लगता है।