यादों में सहाय : हिंदी साहित्य का वो 'वटवृक्ष', जिनके साथ रहे प्रसाद, निराला और दिनकर
पटना, 20 जनवरी (आईएएनएस)। 9 अगस्त, 1893 को बिहार के बक्सर (तत्कालीन शाहाबाद) जिले के उनवास गांव में एक बालक ने जन्म लिया, जिसे घरवाले प्यार से 'भोलानाथ' पुकारते थे। यही भोलानाथ आगे चलकर आचार्य शिवपूजन सहाय बना।