माउंट एवरेस्ट से कम ऊंचाई, फिर भी आज तक कोई क्यों नहीं चढ़ पाया कैलाश पर्वत पर?

IANS | November 5, 2025 9:34 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। कैलाश पर्वत दुनिया की सबसे रहस्यमयी और पवित्र चोटियों में से एक है। यह तिब्बत के न्गारी प्रांत में स्थित है और भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं के पास पड़ता है।

सिटिंग इज द न्यू स्मोकिंग: लंबे समय तक बैठे रहने के खतरों पर नए शोध

IANS | November 5, 2025 7:06 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि हम जितना तरक्की कर रहे हैं, उतना ही आरामतलब भी हो गए हैं। चल कर काम करने की बजाए काम का अधिकतर हिस्सा स्क्रीन के सामने पूरा होता है, यात्रा गाड़ियों में, और आराम कुर्सियों पर किया जा रहा है। नतीजा यह कि 'लंबे समय तक बैठे रहना' आज एक नई स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में कई शोध हुए थे, जिन्होंने यह साबित किया है कि लंबे समय तक बैठना सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि धीरे-धीरे शरीर के लिए उतना ही नुकसानदेह बनता जा रहा है जितना धूम्रपान। इसी कारण वैज्ञानिकों ने इसे नाम दिया है 'सिटिंग इज द न्यू स्मोकिंग।'

'मॉडरेट एक्सरसाइज' का एक ही सूत्र- 'फिटनेस, मतलब खुद को थकाना नहीं बल्कि एक्टिव रखना'

IANS | November 5, 2025 5:43 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में फिटनेस का मतलब कई लोगों के लिए जिम में घंटों पसीना बहाना बन गया है। लेकिन हाल ही में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एचएए) की एक रिपोर्ट ने इस सोच को चुनौती दी है। उनके अनुसार, लंबी और थकाऊ वर्कआउट से ज्यादा असरदार है। इसे मॉडरेट इंटेंसिटी एक्सरसाइज, यानी मध्यम गति की नियमित शारीरिक गतिविधि कहते हैं।

हर सात में से एक किशोर मानसिक विकार से जूझ रहा: डब्ल्यूएचओ

IANS | November 5, 2025 4:41 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। हाल ही में जयपुर से एक दिल दहलाने वाली खबर ने देश को झकझोर कर रख दिया। 9 साल की बच्ची ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूद कर जान दे दी। वजह क्या थी इसको लेकर कई तरह की चर्चा है, लेकिन बच्ची के उठाए इस बेहद ही खतरनाक कदम ने डब्ल्यूएचओ की नई फैक्ट शीट की ओर ध्यान दिला दिया है जो 1 सितंबर 2025 को सामने आई।

जापान का एक प्रांत ऐसा जहां भालुओं को काबू में करने के लिए सेना तैनात

IANS | November 5, 2025 2:12 PM

टोक्यो, 5 नवंबर (आईएएनएस)। जापान के पहाड़ी प्रांत अकिता में भालुओं के आतंक से लोग खौफजदा हैं। हालात बेकाबू हो चले हैं और यही वजह है कि इनसे निपटने के लिए सरकार को सेना भेजनी पड़ी है। स्थानीय अधिकारियों के अनुरोध पर ये कदम उठाया गया है।

सौ समस्याओं का समाधान : आयुर्वेद के इन पांच सिद्धांतों को अपनाकर जीवनशैली को करें संतुलित

IANS | November 5, 2025 1:07 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में तनाव, अनिद्रा समेत कई बीमारियों का बिन बुलाए मेहमान की तरह आना बेहद आम सी बात बन चुकी है। हालांकि, कुछ बातों का ध्यान रखकर इन समस्याओं को छूमंतर किया जा सकता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने बेहतरीन स्वास्थ्य का संपूर्ण और सरल तरीका बताया है।

देशबंधु चित्तरंजन दास : वकालत छोड़ स्वराज की मशाल जलाने वाले जादूगर

IANS | November 5, 2025 12:14 AM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। ढाका के बिक्रमपुर के तेलिरबाग गांव में 5 नवंबर 1870 की सुबह, जब गंगा की लहरें अभी भी कोहरे में डूबी थीं, एक बालक ने जन्म लिया। नाम रखा गया- चित्तरंजन दास। लंदन से बैरिस्टर बनकर भारत लौटे देशबंधु ने जितनी मजबूती से अपने मुवक्किलों के केस लड़े, उतनी ही दृढ़ता से स्वराज की मांग को भी उठाया। गांधीजी के असहयोग आंदोलन से मोतीलाल नेहरू के साथ मिलकर स्वराज पार्टी बनाने में उनकी भूमिका अहम रही।

कार्तिक पूर्णिमा की रात, जब धरती पर आकर देवताओं ने किया था दीपदान

IANS | November 5, 2025 12:11 AM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को देव दीपावली मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन देवता खुद धरती पर आकर गंगा स्नान करके दीपकों को जलाकर देव दीपावली मनाते हैं।

शिवलिंग की कैसे हुई थी उत्पत्ति? जानिए इसके पीछे की पौराणिक कथा

IANS | November 4, 2025 11:54 PM

नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। भगवान शिव का प्रतीक शिवलिंग हिंदू धर्म में सबसे पवित्र और रहस्यमय रूपों में से एक माना जाता है। हजारों सालों से भक्त श्रद्धा के साथ शिवलिंग की पूजा करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि शिवलिंग की उत्पत्ति कैसे हुई थी?

क्यों आज भी जगन्नाथ मंदिर में होती है अधूरी मूर्तियों की पूजा? जानिए रहस्य

IANS | November 4, 2025 8:55 PM

पुरी, 4 नवंबर (आईएएनएस)। ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ धाम हिंदुओं के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। इसे भगवान कृष्ण के दिल की धड़कन माना जाता है। यहां सिर्फ भगवान जगन्नाथ ही नहीं, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा भी विराजमान हैं। हैरानी की बात यह है कि मंदिर में विराजमान तीनों ही मूर्तियां आज भी अधूरी हैं, जबकि हर 12 साल में इन मूर्तियों को बदला जाता है।