IANS
|
November 5, 2025 7:06 PM
नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि हम जितना तरक्की कर रहे हैं, उतना ही आरामतलब भी हो गए हैं। चल कर काम करने की बजाए काम का अधिकतर हिस्सा स्क्रीन के सामने पूरा होता है, यात्रा गाड़ियों में, और आराम कुर्सियों पर किया जा रहा है। नतीजा यह कि 'लंबे समय तक बैठे रहना' आज एक नई स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में कई शोध हुए थे, जिन्होंने यह साबित किया है कि लंबे समय तक बैठना सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि धीरे-धीरे शरीर के लिए उतना ही नुकसानदेह बनता जा रहा है जितना धूम्रपान। इसी कारण वैज्ञानिकों ने इसे नाम दिया है 'सिटिंग इज द न्यू स्मोकिंग।'